छावनी के दयालबाग स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते कथावाचक। प्रवक्ता
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-हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का चौथा दिन, पंडाज जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंजा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के दयालबाग स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भागवताचार्य वीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और नंदोत्सव का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जैसे ही भगवान का जन्म हुआ, पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।
कथाव्यास ने वामन अवतार की कथा सुनाते हुए भक्तों को अहंकार त्यागकर ईश्वर की शरण में जाने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। शास्त्री ने मथुरा के कारागार में श्रीकृष्ण के प्रकट होने और वसुदेव द्वारा उन्हें यमुना पार कर गोकुल में नंद बाबा के घर ले जाने का अत्यंत मनोहारी चित्रण किया।
उन्होंने पूतना वध सहित कान्हा के बाल चरित्र पर व्याख्यान देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन समाज में प्रेम, भाईचारा और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है। कथा के दौरान भगवान के भजनों पर भक्त झूमते नजर आए। श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में नंदोत्सव मनाया गया और प्रसाद वितरण किया गया।
छावनी के दयालबाग स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते कथावाचक। प्रवक्ता- फोटो : Archive