अंबाला छावनी के इंडस्टि्रयल एरिया स्थित फैक्ट्री में काम करते युवा। संवाद
अंबाला। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल के हजारों युवा आईटी और कॉर्पोरेट नौकरियों की तलाश में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे जैसे शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। स्थानीय उद्योग संचालकों के सामने स्किल्ड श्रमिक व पेशेवरों का काफी अभाव है। संचालकों ने सरकार से मांग की है कि शिक्षा व्यवस्था से लेकर युवाओं को इंडस्ट्रीज से जोड़ने के लिए तेजी से कदम उठाने होंगे।
ऐसा न करने पर हरियाणा की इंडस्ट्रीज के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। उद्योग संचालक चाहते हैं कि शिक्षा व्यवस्था से उद्योगों को जोड़ा जाए। टियर-2 शहरों में आईटी पार्क बनाने पर जोर दिया, जिससे प्रदेश का युवा प्रदेश में ही रहकर सम्मान से काम कर सके। वहीं उद्योग संचालकों की समस्या भी हल हो जाए।
नौकरी के साथ प्रशिक्षण भी आवश्यक : अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव उमाकांत बताते हैं कि उनकी सरकार से मांग है कि शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को बदला जाए। वह इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों में उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम लाएं, कैंपस में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर और इनोवेशन लैब की स्थापना के साथ-साथ उन्हें चलाने पर भी बल दिया जाए।
इसी प्रकार आईटी, एआई, डेटा साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी आवश्यक है। स्थानीय उद्योगों और आईटी कंपनियों के साथ जॉब-लिंक्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा सकते हैं। एमएसएमई को डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं में विस्तार के लिए प्रोत्साहन दिया जाए। स्टार्टअप्स के लिए मेंटरशिप और निवेश प्लेटफॉर्म भी हो। संवाद