अंबाला। कैंसर की बीमारी सिर्फ बड़ों में ही नहीं बल्कि अब बच्चों में भी आम होती जा रही है लेकिन ज्यादातर लोग कैंसर की बीमारी को बच्चों से जोड़कर नहीं देखते। वे सोच भी नहीं पाते कि कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी कभी बच्चों को भी अपनी गिरफ्त में ले सकती है।
ऐसे ही कैंसर ग्रस्त बच्चों और अन्य मरीजों के लिए रोटरी अंबाला कैंसर और सामान्य अस्पताल जीवनदान बना हुआ है। अस्पताल के पिछले तीन साल के आंकड़ों पर नजर दाैड़ाएं तो करीब 70 बच्चों को कैंसर ओपीडी में चिह्नित किया है। इनमें से 30 बच्चे ब्लड और हड्डी के कैंसर को मात देकर पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। बाकी अभी उपचाराधीन है। इनमें सबसे कम आठ माह की बच्ची शामिल है। इसके अलावा 19 साल के बच्चों ने अस्पताल में निशुल्क कीमोथैरेपी और दवाओं के सहारे कैंसर को हराया है।
जन्म के आठ माह बाद ही कैंसर
बाल कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. विनीत आनंद ने बताया कि अभी तक अंबाला में सबसे छोटे यानी आठ माह की बच्ची में रेपडो मायो सारकोमा कैंसर पाया गया था। इस बच्चे के पेट में सूजन होने के कारण अस्पताल में लाया गया था। बोन मैरो बायोप्सी व अन्य टेस्ट से रेपडो मायो सारकोमा कैंसर का पता चला था। करीब आठ माह तक चली कीमोथैरेपी के बाद यह बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है।
किडनी के स्टेप-4 कैंसर को भी मात
अंबाला के रोटरी अस्पताल में हरियाणा के अलावा पंजाब व बिहार से भी मरीज बच्चों के कैंसर का उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं। करीब एक साल पहले बिहार से दंपती अपनी डेढ़ साल की जुड़वा बच्ची को लेकर अंबाला आया था। एक बच्ची में किडनी का स्टेज-4 का कैंसर पाया गया था। अस्पताल में डॉ. विनीत ने उपचार शुरू कर दिया। करीब आठ माह तक किराये पर ही कमरा लेकर अंबाला रहे और उपचार करवाकर कैंसर को मात दी। यह परिवार अब वापस लौट गया।
ये होते हैं लक्षण
- बच्चों में लगातार बुखार
- प्लेटलेट्स कम होना
- वजन न बढ़ना
- बच्चे का सुस्त रहना
- गांठें होना
- पेट फूलना
- नीले निशान पड़ना
- हड्डी में सूजन होना
- सुबह उठने पर सिर दर्द के साथ उल्टी होना
वर्जन
बच्चों में कैंसर एक गंभीर समस्या है, लेकिन सही समय पर इसका पता चल जाए तो इलाज संभव है। यह किसी तरह की लापरवाही व खानपान से नहीं बल्कि जेनेटिक होता है। माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अधिकतर मरीज कीमोथैरेपी व दवाओं से ही ठीक हो जाते हैं।
डॉ. विनीत आनंद, पैडाट्रिक हेमोटोलॉजिस्ट ओंकोलॉजिस्ट, रोटरी अस्पताल अंबाला।