अंबाला। कपाल मोचन मेले के चौथे दिन छावनी बस अड्डे पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस कारण श्रद्धालु मेले में जाने वाली बसों के लिए भटकते नजर आए। कई श्रद्धालु दो से तीन घंटे तक बसों का इंतजार करते रहे, इसके अलावा जो बसें आ भी रही थीं वह पांच मिनट में भी भर रही थी। रोडवेज की ओर से मेले के लिए 100 से ज्यादा बसों को चलाने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद भी श्रद्धालु बसों के लिए परेशान होते रहे। मंगलवार को पंजाब से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पिछले तीन दिनों से ज्यादा थी, जिसे लेकर सुबह से लेकर रात तक छावनी बस अड्डे पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। जैसे की बस अड्डे पर मेले की बस आती तो श्रद्धालु बसों के पीछे भागते रहे। वहीं यात्री खिड़की से बस में प्रवेश करते दिखाई दिए।
पंजाब के पटियाला निवासी समर सिंह ने बताया कि उन्हें कपाल मोचन के मेले में जाना है। इसके के लिए वह सुबह आठ बजे अंबाला छावनी बस अड्डे पर पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें तीन घंटे हो गए है। बस का इंतजार करते हुए लेकिन बस नहीं आ रही।
चैक पोस्ट के 150 रुपये मांग रहा ऑटो चालक
पंजाब के फिरोजपुर निवासी परमजीत कौर ने बताया कि वह पिछले दो साल से मेले में आ रही है। वह सभी पिछले दो घंटे से मेले वाली बस का इंतजार कर रही हैं लेकिन बस नहीं आने पर वह बस अड्डे के बाहर ऑटो चालक के पास गए तो ऑटाे चालक 150 रुपये प्रति यात्री मांग रहा है जो उन्हें चेक पोस्ट तक छोड़ने की बात बोल रहा है, लेकिन वह वापस बस स्टैंड में आ गईं।
बसों के बारे में नहीं दी जा रही जानकारी
पंजाब के मलेरकोटला निवासी अमरजीत सिंह ने बताया कि बसे भरकर आ रही हैं। इसके अलावा बस अड्डे पर बसों के बारे में सही जानकारी नहीं दी जा रही है पूछताछ केंद्र से जो उद्घोषणा हो रही है उसमें सिर्फ जेबकतरों से सावधान रहे कि जानकारी दी जा रही है।
पंजाब के मोगा निवासी कलविंद्र कौर ने बताया कि वह डेढ़ घंटे से मेले में जाने वाली बस की इंतजार कर रही है, लेकिन बस नहीं आ रही है और जो बस आ भी रही है वह भीड़ के कारण जल्दी भर रही हैं। उन बसों को देखकर पता ही नहीं चलता कि यह बस मेले में जाएगी। क्योंकि उन बसों पर मेला नहीं लिखा है।
कपाल मोचन के मेले को देखते हुए शाम तक डिपो की 120 से ज्यादा बसें लगी हुई जो श्रद्धालुओं को लेकर जा रही है। मंगलवार को बस अड्डे पर श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा है। इस कारण बसों को मेले से आने में समय लग रहा है। इसलिए उन्हें बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
- अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो।
अंबाला छावनी बस अड्डे पर मेले में जाने के लिए बसों की इंतजार करते श्रद्धालु। संवाद
अंबाला छावनी बस अड्डे पर मेले में जाने के लिए बसों की इंतजार करते श्रद्धालु। संवाद
अंबाला छावनी बस अड्डे पर मेले में जाने के लिए बसों की इंतजार करते श्रद्धालु। संवाद
अंबाला छावनी बस अड्डे पर मेले में जाने के लिए बसों की इंतजार करते श्रद्धालु। संवाद