अंबाला। दीपावली से छह दिन पहले अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर भीड़ बढ़ने लगी है। ट्रेनों में भी यही हालात नजर आने लगे हैं लेकिन जनरल श्रेणी के यात्रियों को जिस सुविधा का इंतजार था, वो उन्हें नहीं मिली है।
ऐसे हालात शुक्रवार को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर देखने को मिले। जब प्लेटफार्म दो पर आई पश्चिम एक्सप्रेस और प्लेटफार्म चार पर आई आम्रपाली के जनरल श्रेणी के यात्री आपस में उलझते नजर आए। यह समस्या कोच की कमी की वजह से थे। दोनों ही ट्रेनों में दो कोच आगे और दो कोच पीछे की तरफ लगे हुए थे और इसमें भीड़ इतनी थी कि कोच में घुसने के लिए यात्रियों को जोर-आजमाइश करनी पड़ रही थी। इस दौरान कुछ यात्रियों की बहस भी हुई क्योंकि उन्हें सामान रखने की जगह नहीं मिल रही थी।
खल रही कोच की कमी
त्योहारों से पहले रेलवे ने फैसला किया था कि ट्रेनों में जनरल कोच की संख्या में वृद्धि की जाएगी लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा। दीपावली को मात्र छह दिन रह गए हैं और ट्रेनों में भीड़ भी बढ़ने लगी है और जनरल कोच की कमी यात्रियों को खलने लगी है। जहां पहले आम्रपाली सहित पश्चिम एक्सप्रेस में जनरल के चार कोच आगे और चार कोच पीछे होते थे, उनकी संख्या अब दो-दो ही रह गई है। वहीं राजस्व में वृद्धि को लेकर ट्रेनों में लगातार एसी कोच की संख्या बढ़ाई जा रही है।
नहीं नजर आई टीम
रेलवे ने त्योहार के दिनों में व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए बेशक विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है, लेकिन वो व्यवस्थाएं बनाने की प्रक्रिया अभी तक अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर शुरु नहीं हो पाई। हालांकि बिना टिकट यात्रियों और अनधिकृत रूप से आरक्षित श्रेणी के यात्रियों की टिकट बनाने के लिए टीटीई प्लेटफार्म पर धड़ल्ले से अपनी कार्रवाई में जुटे हुए थे।
स्लीपर कोच खाली
रेलवे का अनुमान था कि 25 अक्तूबर से ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाएगी, हालांकि ऐसा हुआ भी, लेकिन अभी यह भीड़ जनरल श्रेणी के यात्रियों की थी जोकि अभी जनरल कोच में ही चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। वहीं आम्रपाली एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में सभी यात्री अपनी-अपनी सीट पर बैठे थे, वहीं कुछ अनारक्षित टिकट के यात्री भी दरवाजे पर कब्जा जमाए हुए थे ताकि टीटीई आए तो वो दूसरे कोच में चले जाएं।
स्वैट टीम लगाई
अंबाला कैंट स्टेशन पर भीड़ बढ़ते ही जीआरपी ने कमांडो दस्ते की स्वैट टीम को तैनात कर दिया है जोकि आरपीएफ के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है, हालांकि अभी टीम पूरी तरह से सक्रिय नजर नहीं आ रही, लेकिन विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वो चप्पे-चप्पे की निगरानी कर रही हैं और किसी भी विपरित स्थिति से निपटने के लिए सक्षम हैं।
महिला और दिव्यांग कोच पर कब्जा
जनरल श्रेणी के यात्रियों ने महिला और दिव्यांग कोच पर कब्जा शुरु कर दिया है, हालांकि आरपीएफ ऐसे यात्रियों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई लगातार कर रही है। बावजूद इसके कुछ यात्री आरपीएफ कर्मचारियों की नजर से बचकर दिव्यांग कोच में घुस जाते हैं,ऐसे में दिव्यांगजनों को जनरल कोच में सवार होना पड़ता है और इस कारण उन्हें हादसे का डर भी सताता रहता है।
वर्जन
त्योहारों को लेकर विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आरपीएफ को भी पूरी तरह से सतर्कता करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कहीं कोई समस्या है तो उसका समाधान करवाया जाएगा। ट्रेन में यात्रियों की संख्या के अनुरूप ही जनरल कोच की संख्या में वृद्धि की जाती है ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।