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Ambala News: करोड़ों का बजट नहीं हुआ खर्च, अटके पड़े विकास कार्य

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अंबाला सिटी। जिला परिषद के प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब मामला हाई कोर्ट के अधीन हो गया है। इधर, जिला परिषद के पास पड़ा करोड़ों रुपए का बजट अभी तक खर्च नहीं हो पाया है। जिला परिषद के पास विभिन्न कार्याें के लिए आठ करोड़ रुपए का बजट मंजूर है, लेकिन जिला परिषद के सदस्यों की मंजूरी के बिना इस बजट को खर्च नहीं किया जा सकता है। इस कारण परिषद के सभी वार्ड में कई कार्य रुक गए हैं। अब कोर्ट के फैसले पर ही कार्यों का भविष्य निर्धारित होगा।
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बजट से ये कार्य होंगे संपन्न
सभी ग्रामीण क्षेत्रों में पीएचसी और सीएचसी की रिपेयर
आंगनबाड़ियों की रिपेयरिंग और रखरखाव
ग्रामीण क्षेत्रों में बने मार्गों की रिपेयरिंग
ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगवाना
ई लाइब्रेरी, महिला सांस्कृतिक केंद्र और जिम का निर्माण
ग्रामीण क्षेत्रों में बस स्टाॅप का निर्माण करवाना
चौपालों का निर्माण, ढाई एकड़ पर तालाब का निर्माण
ग्रामीण स्टेडियम का रखरखाव और सीवरेज पाइप डालने सहित 13 तरह के कार्य हैं जिन्हें बजट से पूरा किया जाना है।
11 सदस्यों ने सौंपा था अविश्वास प्रस्ताव
बीती 12 नवंबर को परिषद के 11 सदस्यों ने वार्डों में कार्य न होने से नाराजगी जताते हुए प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव उपायुक्त को सौंपा था। इसके बाद जिला परिषद चेयरमैन राजेश कुमार लाडी ने इस प्रस्ताव को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने प्रस्ताव पर स्टे लगा दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी। तब तक विकास कार्यों के लिए लोगों को इंतजार करना होगा।
परिषद अपने स्तर पर बजट को खर्च नहीं कर सकता है। इसके लिए सदस्याें की मंजूरी जरूरी होती है। जिला परिषद के पास आठ करोड़ रुपये का बजट है। जिनसे विभिन्न कार्य किए जाएंगे। अभी तक अविश्वास प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं आया है। फैसले के बाद ही बजट से होने वाले कार्य हो सकेंगे।
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गगनदीप सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद अंबाला
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