ठेका न देने और फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के नाम पर वसूली की जा रही थी। शिकायत के बाद विजिलेंस की टीम ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। पहले दरोगा और फॉरेस्ट गार्ड को काबू किया, फिर प्रबंधक का नाम सामने आया। चंडी मंदिर पंचकूला में शेड डालने का शिकायकर्ता ने टेंडर ले रखा है।
हरियाणा के अंबाला में कांट्रैक्टर से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हरियाणा फॉरेस्ट डवलपमेंट कार्पोरेशन (एचएफडीसी) के प्रबंधक सहित तीन कर्मियों को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। मामले में कांट्रैक्टर दिनेश कुमार की शिकायत पर विजिलेंस की ओर से कार्रवाई की गई।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि हरियाणा फॉरेस्ट डवलपमेंट कार्पोरेशन के प्रबंधक राकेश, दरोगा विजय कुमार और फॉरेस्ट गार्ड प्रिंस की ओर से उनकी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और ठेका न देने की धमकी देकर लगातार वसूली की जा रही थी। चीका निवासी कांट्रैक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि चंडी मंदिर पंचकूला में उसका शेड बनाने का ठेका है।
इससे पहले भी उसकी फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के नाम पर 60 हजार और फिर एक लाख 70 हजार रुपये रिश्वत ली गई। इसके बाद आरोपी कर्मचारियों ने एक लाख रुपये की डिमांड की थी। इसकी रिकार्डिंग भी शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को सौंपी थी।
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इसके बाद योजना के तहत हरियाणा फॉरेस्ट डवलपमेंट कार्पोरेशन (एचएफडीसी) कार्यालय परिसर में आरोपी कर्मचारियों को पैसे पकड़ाए तो टीम ने दबिश दी। तभी विजिलेंस टीम ने उन्हें काबू कर लिया। मंगलवार को कोर्ट में पेश करने के बाद तीनों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। विदित हो कि अंबाला और पंचकूला में जो भी पेड़ों की कटाई आदि का काम होता है वो आरोपियों के माध्यम से ही होता है। ऐसे में कांट्रैक्ट की डील सीधा इन्हीं से होती है।
टीम को देखकर घबरा गए कर्मचारी, हाथों में पकड़े रुपये भी फेंके
रिश्वत लेने के लिए एचएफडीसी कार्यालय के परिसर में ही कांट्रैक्टर को बुला लिया था। जैसे ही उसने एक लाख रुपये दिए और आरोपी उसे रखने लगे तभी टीम ने दबिश दी। उस समय विजय कुमार और प्रिंस ने रुपये पकड़े थे। टीम को देखकर दोनों ने रुपयों को पास वाली कोठी में फेंक दिया था, लेकिन टीम ने उनके हाथों को पानी से धुलवाया तो वह फंस गए। सख्ती से पूछताछ करने पर राकेश का भी नाम लिया और उसे भी मौके से ही काबू कर लिया गया।