अंबाला कैंट। आखिरकार दिवाली की रात को वही हुआ, जिसका अंदेशा जताया जा रहा था। अंबाला कैंट के अति व्यस्ततम और मुख्य बाजार सदर बाजार में भीषण आग लग गई। आग ने ऐसा तांडव मचाया कि दो कपड़ा शोरूम और एक किराना स्टोर बुरी तरह से जल गए। यहां करीबन एक करोड़ का नुकसान बताया जा रहा है।
उधर, इस आगजनी की घटना के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने घटना स्थल तक सिर्फ पांच मिनट का सफर को आधे घंटे में तय किया। वजह थी बाजारों में फेस्टिवल सीजन में लगाए अतिक्रमण और बिना अनुमति सड़क के दोनों ओर लोहे के ढेरों पोल गाड़कर उस पर बिछाया गया सजावटी लाइटों का जाल। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बाजारों के बाहर इन्हीं लाइटों में उलझ गई।
सैकड़ों सजावटी लाइटों का जाल सड़क से काफी नीचे तक बिछा हुआ था, लिहाजा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का यहां से निकलना संभव नहीं था। लेकिन दूसरी ओर आग की लपटें आसमान छू रही थीं। दो दुकानों को आग चपेट में ले चुकी थी, दुकानदार अपनी दुकानों के शटर बंद वहां से भाग रहे थे, अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था।
लिहाजा इन लोहे के पाइपों को आनन-फानन में उखाड़ा गया, लाइटों को खींच-खींचकर तोड़ा गया, दुकानों के आगे कई-कई फीट बाहर बनी अस्थायी दुकानों को पीछे हटाकर जैसे-जैसे फायर ब्रिगेड की गाड़ियां का घटना स्थल तक पहुंचने का रास्ता बनाया गया। इस सारे काम में लगभग आधा घंटा लग गया। इस वजह से आग ने दो कपड़ा शोरूम समेत किराना स्टोर आग की चपेट में आ गई। गाड़ियां पहुंचने के बाद करीबन पांच घंटे तक आग पर काबू पाया गया। इस दौरान आर्मी प्रशासन व अंबाला सिटी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंचीं।
कारणों का खुलासा नहीं, नुकसान ज्यादा
सदर बाजार कैंट के मुख्य बाजार हैं। यहां सैकड़ों दुकानें हैं और त्योहारों की वजह से भीड़ भी ज्यादा थी। मालिक व स्टाफ दुकान के बाहर आ चुके थे। शोरूम बंद कर घर रवानगी तैयारी की जा रही थी। लेकिन तभी देरशाम अचानक एक कपड़ा शोरूम कला संगम से धुआं निकलने लगा। धुआं देखते ही देखते आसमान की ओर उठती आग की लपटों में बदल गया। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन ये आग आखिरकार लगी कैसे? इन कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। शोरूम व किराना स्टोर मालिक प्रवीण गोयल, अनिल गुप्ता व प्रेम जैन का कहना है कि आग के स्पष्ट कारण अभी तक मालूम नहीं है, लेकिन हो सकता है कि ये हादसा शार्ट सर्किट की वजह से हो।
राहत कार्यों में कर्मियों ने झेली खासी दिक्कतें
आगजनी को काबू करने में कुछ दिक्कत तो शोरूम डिजाइन की वजह से पेश आई और कुछ दिक्कत खुद दमकल कर्मियों की वजह से पेश आई। पहले तो गाड़ियां ही आधा घंटा लेट बाजार में पहुंची। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं तो शोरूम की ऊंचाई तक पहुंचने में आग की लपटें आड़े आई। नीचे से ही पानी की फुहार मारकर आग की लपटों को जैसे-तैसे काबू किया गया, तो ऊपरी मंजिल तक पहुंचने में मददगार साबित होने वाली फायर ब्रिगेड गाड़ियों पर लगी फोल्डेबल सीढ़ियां ही समय पर नहीं खुलीं। काफी मशक्कत के बाद फोल्डेबल सीढ़ियां खोलकर दमकल कर्मियों की ऊपरी मंजिल तक पहुंचाया गया। लेकिन अंदर भी भयंकर आग भड़की हुई थी। उसके बाद बमुश्किल शोरूम के शीशे व ब्रिगेड तोड़कर अंदर तक पानी की फुहार पहुंचाई गई। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने इस आग को काफी हद तक काबू किया।
मंत्री, डीसी, एसपी व अन्य अफसर भी पहुंचे
आग की सूचना पाकर मंत्री अनिल विज, डीसी प्रभजोत सिंह, एसपी अभिषेक जोरवाल समेत अन्य प्रशासनिक अफसर भी मौके पर पहुंचे। सभी ने वहां नुकसान का जायजा लिया और पीड़ितों को हर संभव मदद का भी आश्वासन दिया। दूसरी ओर, गीता गोपाल संस्था के युवाओं की टीम भी एडवोकेट मान सिंह काकरान के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और राहत कार्यों में मदद की। दूसरी ओर, आर्मी प्रशासन की फायर ब्रिगेड विंग ने भी इस दौरान पूरी मदद की।
दिवाली के दिन सदर इलाके में पसरा अंधेरा
इस घटना की वजह से बिजली महकमे को मजबूरन सदर इलाके की बिजली करीबन तीन घंटे तक गुल रखनी पड़ी। कई इलाकों में डेढ़ व कई इलाकों में तीन घंटे तक बिजली कट लगाना पड़ा। चूंकि इस दौरान दिवाली पूजन का समय था, इसलिए लोगों को थोड़ी दिक्कत जरूरी हुई, लेकिन लोगों ने अपने घरों को दियों से जगमग कर इस अंधेरे को दूर किया।
अमर उजाला ने दी थी चेतावनी
अमर उजाला ने 18 अक्तूबर को समाचार प्रकाशित कर इस बात की चेतावनी दी थी कि फेस्टिवल सीजन में बाजार आगजनी की घटनाओं से मजफूज नहीं है। कुछ दिन पहले सौदागर बाजार के कपड़ा शोरूम में आग लगी। तब भी अतिक्रमण राहत में आड़े आया। इस घटना में भी अतिक्रमण की वजह से दमकल विभाग के राहत कर्मी लेट पहुंचे। ये घटना भी प्रशासन के लिए एक सबक है, लेकिन देखना यह है कि ऐसी घटनाओं से जिला प्रशासन अतिक्रमण व अवैध कब्जों के प्रति क्या रुख करता है।