हरियाणा के अंबाला में साबरमती एक्सप्रेस से 18 लाख का सोना चोरी करने वाले दो आरोपियों को जीआरपी की सीआईए ने शनिवार सुबह लगभग 11 बजे गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी सांसी गैंग के सदस्य हैं, जो ट्रेनों में अकेले सफर करने वाली महिलाओं को अपना निशाना बनाते हैं और मौका मिलते ही उनके सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लेते हैं। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी प्लेटफार्म नंबर सात पर बैठकर चोरी की योजना बना रहे थे।
दोनों आरोपियों की पहचान गांव गढवाल, थाना बड़ौदा जिला सोनीपत निवासी बिजेंद्र उर्फ राजेंद्र और गांव कुगंड़ थाना बवानी जिला भिवानी और हाल निवासी दिल्ली सुलतानपुरी निवासी सतीश कुमार के तौर पर हुई है। दोनों को अदालत में पेश किया गया है। अदालत ने दोनों छह मार्च तक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस रिमांड के दौरान अन्य सहयोगियों की धरपकड़ करने और चोरी हुए सोने की रिकवरी करने का प्रयास करेगी।
पकड़े गए दोनों आरोपियों ने प्राथमिक पूछताछ में चोरी की घटना कबूल कर ली है। बिजेंद्र उर्फ राजेंद्र और सतीश कुमार ने बताया कि ट्रेन से चोरी करने के बाद वह आउटर में उतर गए थे। दो दिन तक उन्होंने सोना अपने पास रखा और फिर दिल्ली चांदनी चौक पर ले जाकर एक अज्ञात व्यक्ति को सोना बेच दिया। उसने उन्हें 12 लाख रुपये दिए।
यह रुपये उन्होंने आधे-आधे बांट लिए। सतीश ने बताया कि उसने दो लाख रुपये खाने-पीने पर खर्च कर दिए और चार लाख रुपये दिल्ली स्थित अपने ठिकाने पर रख दिए। वहीं आरोपी बिजेंद्र उर्फ राजेंद्र ने बताया कि उसने अपने हिस्से के पैसे अपने गांव गडवाल स्थित मकान पर रख दिए थे।
यह था मामला
घटना 26 नवंबर 2022 की है। ट्रेन नंबर 19411 के एसी कोच नंबर बी-1 की सीट नंबर 49 पर उदयपुर निवासी कोमल रंकवात सफर कर रही थी। वह अंबाला कैंट में अपने भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए आ रही थी।स्टेशन आने से पहले ही चार-पांच अज्ञात व्यक्तियों ने मदद करने के बहाने अटैची में रखे उनके सोने के बैग को चोरी कर लिया। कोमल ने बताया कि उसके पास लगभग 21 से 22 तोला सोने के गहने थे। इसमें एक मगंलसूत्र 5 तोला, दो सेट कान और गले का 5 तोला, चार कगंन 6 तोला, 2 कगंन 1 तोला, एक हेन साथ में पेंडल 7.5 ग्राम, एक अंगूठी 1 तोला, एक चेन पेंडल सेट 2.5 तोले सोना का था।
ऐसे सांसी गैंग घटना को देता है अंजाम
सांसी गैंग खास तरीके से चोरी करने के लिए जाना जाता है। जो ट्रेन में मुरादाबाद और सहारनपुर के स्टेशन से चढ़ता है। यह मुख्य रूप से एसी कोच में सवार होते हैं। इसके लिए बाकायदा टिकट भी लेते हैं। इसके बाद यह कोच में अकेली महिला को तलाशते हैं। वहां पर बैठकर बातचीत करना शुरू कर देते हैं। इसके बाद जैसे ही महिला का स्टेशन आता है, यह मदद करने के बहाना हैं। ट्रेन में इस गैंग के चार से पांच लोग होते हैं। जो महिला के ईद गिर्द एक घेरा बना लेते हैं और बाकी अन्य साथी उसका सामान खंगालना शुरू करते हैं। मदद इससे पहले ही बातों के दौरान महिला की हरकतों से इस गैंग के सदस्य यह तक पता लगा लेते हैं कि किस बैग में सोना पड़ा है। अक्सर यह सोने को ही चोरी करते हैं।
साबरमती एक्सप्रेस से सोना चोरी करने वाले सांसी गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। प्राथमिक पूछताछ में दोनों ने चोरी की घटना को कबूल लिया है। दोनों को छह मार्च तक रिमांड पर लिया गया है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ और चोरी हुए सोने की रिकवरी हो सके।
- जोगिंदर सिंह, प्रभारी सीआईए।