साध्वी ने बताया कि जैसे ही दो बदमाश अंदर घुसे उनके पीछे 4-5 अन्य खाकी वर्दी वाले आ गए। थोड़ी देर में करीब पांच अन्य बदमाश भी आ गए, जो सादे कपड़ों में थे। सभी उनके भाई-भाभी के कमरे का ताला तोड़कर घुस गए और सभी को बंधक बना लिया। फिर अलमारियों के ताले तोड़कर नकदी व जेवरात समेट लिए। इसी बीच साध्वी की बहन और जीजा, जो कि गेट के नजदीक कमरे में सोये थे, शोर सुनकर जाग गए। जीजा ने जानकारों को फोन पर सूचना दी, लेकिन उनके पहुंचने से पहले बदमाश भाग गए।
यह सामान ले गए बदमाश
पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने तीनों परिवारों के कमरों से अलमारी का ताला तोड़कर 35 हजार की नकदी। सेवकों द्वारा दिया करीब 25 हजार के माता के सोने के झुमके, चेन, नथ, कोका, करीब 25 चांदी के सिक्के, चांदी का कछुआ, चांदी की मूर्ति और दूसरे कमरे से सोने के दो सेट, पांच पायल की जोड़ी, एक बड़ी पाजेब, चांदी का मंगलसूत्र, सोने के पांच-छह कोके, टॉप्स की जोड़ी, मां की चांदी की तागड़ी, चांदी के बाजू बंद, मां के चांदी के कड़े और करीब 85 हजार नकदी ले गए।
मारकंडेश्वर मंदिर में भी इसी तरह डाली थी डकैती
तंदवाल-हरियोली मारकंडेश्वर मंदिर में 23 अक्तूबर की रात को 10-12 नाकाबपोश ने इसी तरह मंदिर के महंत सहित छह लोगों को बंधकर बनाकर डकैती की थी। सभी डकैत पुलिस वर्दी में आए थे। बदमाशों ने मंदिर परिसर में अफीम, भुक्की होने की सूचना मिलने की बात कहकर पहले सर्च अभियान चलाया फिर लूटपाट की थी।