म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन अंबाला (एमसीए) के कैंट जोन कार्यालय में सोमवार को सफाईकर्मियों ने जमकर हंगामा किया गया। ये विरोध प्रदर्शन गत दिवस सफाई कर्मी की नाले में सफाई के दौरान हुई मौत के विरोध में किया गया था।
सुबह से ही सफाई मजदूरों ने अपना कामकाज ठप रखा और कैंट में सफाई नहीं की। इसी वजह से कैंट में सोमवार को सफाई के हालात भी खराब रहे। उधर, सभी कर्मचारी इकट्ठा होकर नगर निगम कार्यालय के बाहर बैठ गए और वहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की। सफाईकर्मियों की मांग थी सफाई कर्मियों की मौत ड्यॅूटी के दौरान हुई है, इसलिए उसके परिवार में से किसी को नौकरी दी जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता सफाई मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष मनोज कुमार की अध्यक्षता में हुआ।
उल्लेखनीय है कि सफाई कर्मी नाले में घुसकर सफाई कर रहा था, तभी संदिग्ध हालत में उसकी तबीयत बिगड़ गई और इसी वजह से उसकी जान चली गई। प्रदेशाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि वैसे भी एमसीए की ओर से सफाई कर्मियों को नालों में घुसकर सफाई करने के लिए पर्याप्त उपकरण भी नहीं दिए जाते हैं। न तो सफाई कर्मियो के पास ऊंचे जूते होते हैं और न ही मास्क इत्यादि। जान जोखिम में डालकर सफाई कर्मी नालों में घुसकर सफाई करते हैं और यदि इस दौरान उनकी मौत हो जाए तो कोई अफसर या ठेकेदार उन्हे नहीं पूछता। इसलिए सोमवार को सभी सफाईकर्मी एकजुट हुए और उन्होंने ये प्रदर्शन किया है।
मेयर ने दिया मदद का आश्वासन
इस दौरान मेयर रमेश लाल मल, सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा सिंह अत्री और डिप्टी मेयर सुधीर जयसवाल समेत अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान फिलहाल फौरी राहत के 50 हजार रुपये मृतक के परिजनों को दिया गया। साथ ही मेयर ने आश्वसन दिया कि मृतक के परिवार में से किसी सदस्य को नौकरी देने के लिए वे सरकार को लिखेंगे। इस दौरान प्रवीण कुमार गौगलिया, सुरेश गुंसर, त्रिलोक हंगला, शुगन नाथ संगलेथिया, उसमान, राजेंद्र, सुगीता व कपिल बगान समेत अन्य सफाई कर्मी नेता मौजूद रहे।