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दो साल से बिना लाइसेंस से चल रही थी लिंग जांच की दुकान

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दो साल से बिना लाइसेंस के चल रही थी लिंग जांच की दुकान
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/नारायणगढ़। नारायणगढ़ के जिस मेडिकल स्टोर पर स्वास्थ्य विभाग ने रात को छापेमारी की थी। वह दुकान दो साल से बिना लाइसेंस और बिना नाम से चल रही थी। यहां तक की वजीदपुर गंगोह जिला सहारनपुर निवासी संजय लिंग जांच मशीन के साथ दुकान पर आकर चेक करता था। इसमें पंजलासा निवासी दुकान मालिक फिरोज खान भी सम्मलित था। हैरत तो तब हो गई जब इस गोरखधंधे को किसी को भी कानोंकान खबर नहीं हुई, जबकि रोजाना काफी संख्या में लोग रोज दवा लेने आते थे। भनक लगती भी तो कैसे, क्योंकि दुकान मालिक फिरोज खान ने दुकान को दो हिस्सों में बांटा हुआ था, जिसमें सामने दवा और पीछे की साइड में लिंग की जांच की जाती थी।
एक कस्टमर से लेते थे 25 से लेकर 50 हजार रुपये
शनिवार छापेमारी में पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि नारायणगढ़ में दो साल से कार्य कर रहे थे। इस कार्य में उनके अलावा दो और लोग शामिल थे। जो इस काम में उनका साथ दे रहे थे। आरोपित संजय और फिरोज ने बताया कि वह कस्टमर की हैसियत देखकर उस हिसाब से पैसे लेते थे। उनकी 25 से 50 हजार रुपये तक फीस होती थी।
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इन जगहों से आते थे कस्टमर
आरोपियों ने बताया कि नारायणगढ़ के अलावा उनके पास पंचकूला, बरवाला, चंडीगढ़, अंबाला, सढ़ौरा, यमुनानगर, सहारनपुर से महिलाएं बच्चे का लिंग जांच करवाने के लिए आती थी। इस काम में वह पांच साल से लगा है।
पुलिस ने लिया दो दिन के रिमांड पर
नारायणगढ़ थाना के एसएचओ सुरेश पाल ने बताया कि पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को पकड़ लिया था, जिन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से दोनों को दो दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इसके अलावा दो और लोगों को पकड़ने की कार्रवाई चल रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस पूछताछ में आरोपियों से पैसों की बरामदगी, मशीन की खरीदारी आदि का पता लगाया जाएगा।
ऐसे किया था खुलासा
शनिवार शाम को वार्ड नंबर नौ में नारायणगढ़ के बिन नाम के मेडिकल स्टोर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापामारी कर लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश किया था। टीम ने लिंग जांच मशीन, औजार, नकदी और अन्य सामान बरामद किया था। इस गोरखधंधे में शामिल दो को मौके से पर ही गिरफ्तार किया गया था, जबकि दो फरार हो गए थे। बता दें कि टीम ने खुलासा करने के लिए एक फर्जी ग्राहक तैयार किया था। बकायदा मामले को अंजाम तक पहुंचाने के लिए एक गर्भवती महिला को भेज कर 45 हजार रुपये में सौदा तय किया गया था। वहां जैसे ही उक्त गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था तभी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापामार मारकर न केवल अल्ट्रासाउंड करने की मशीन बरामद की थी, बल्कि महिला को दी गई दस हजार रुपये की राशि भी बरामद कर ली थी।
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मामले में चार लोगों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया गया है, जिनमें से दो पहले ही पकड़े जा चुके हैं। दो फरार हैं। पूछताछ में पता चला था कि लिंग जांच कार्य बिना लाइसेंस व बिना नाम की दुकान में दो साल से चल रहा था। यह लोग एक कस्टमर से 25 से 50 हजार रुपये वसूलते थे। यहां पंचकूला, यमुनानगर, बरवाला, सढ़ौरा आदि ले महिलाएं बच्चों का लिंग जांच करवाने के लिए आती थीं।
- मुकेश कुमार, सीएमओ, अंबाला
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