अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़ (अंबाला)। गांव बड़ागांव के शिक्षक सेशन जज हत्याकांड के मुख्य गवाह रामबीर के सुरक्षा गार्ड सुरेश कुमार एएसआई की हत्या करने वाले हमलावरों का पता देने वालों को पुलिस विभाग की ओर से एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह घोषणा रविवार देर शाम गांव बडागांव में घटनास्थल पर पहुंचे अंबाला मंडल के एडीजीपी आलोक राय ने की। उधर, हमलावरों की गोली का शिकार हुए यमुनानगर निवासी सुरेश का सोमवार को पोस्टमार्टम करने उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया। गया मृतक एएसआई का गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हो गया।
एडीजीपी ने कहा कि हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के नेतृत्व में कई टीमों का गठन कर दिया गया है तथा सभी हमलावर शीघ्र ही पुलिस गिरफ्त में होंगे। पोस्टमार्टम से पूर्व मृतक के शरीर का एक्सरे करने के उपरांत उनके शरीर से गोलियां भी निकाली गई थी। यहां यह भी बता दें कि नारायणगढ़ के सामान्य अस्पताल में कोई एक्स-रे एक्सपर्ट न होने के चलते अंबाला से ही एक्स-रे एक्सपर्ट को बुलाना पड़ा था। थाना प्रभारी अरविंद कुमार के अनुसार सुरेश कुमार को एक गोली दाएं तरफ पेट में लगी थी, जो गोली भी उसी जगह पर थी। एक गोली का खौल वारदात की जगह पर मिला है। इस पर पुलिस ने मृतक सुरेश कुमार के भाई मामचंद की शिकायत पर तीनों अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 34 आईपीसी एक्ट व 25-54-59 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उसके शव का गांव नाहरपुर जिला यमुनानगर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मरने वाले के परिवार में दो बच्चे लड़का व लड़की और उसकी धर्मपत्नी है। रामबीर को दूसरा गनमैन दिया गया है और बदमाशों पर नजर रखने के लिए गांव के बाहर मोड़ पर तीन पुलिसकर्मी सहित जिप्सी व सेशनजज के घर पर 5 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
यह है मामला
नौ जुलाई 2018 को गांव बडागांव की सरपंच के शिक्षक पति सेशन जज की उस समय गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपनी बाइक पर ड्यूटी जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी साहिल राणा सहित कुलदीप राणा व उसके भाई विरेंद्र राणा निवासी बड़ागांव, मनीष व विजय तथा बीहटा के अभिषेक व बड़ागांव के शुभम को गिरफ्तार किया था। इसके अतिरिक्त इस मामले के मुख्य गवाह रामबीर निवासी बड़ागांव ने गांव के ही लगभग एक दर्जन व्यक्तियों का नाम इस मामले में दर्ज करवाया था, जिन्हें क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने जांच के उपरांत दोषी नहीं पाया गया था। इसके उपरांत अभिषेक व शुभम जिन्होंने एक आरोपी को शरण दी थी, की तो जमानत हो गई थी। शेष पांच आरोपी साहिल, कुलदीप, विरेंद्र, मनीष व विजय जेल में है और सेशन की अदालत में उनका मामला विचाराधीन है।
धमकी मिलने के बाद मुहैया कराए गए थे सुरक्षा गार्ड
इस मामले के मुख्य गवाह रामबीर को कुछ लोगों द्वारा जान से मारने की धमकियां मिलने के बाद प्रशासन ने उसे सुरक्षा गार्ड मुहैया करवा दिए थे। रविवार की बाद दोपहर बडागांव के चौराहे पर स्थित रामबीर के वाशिंग सेंटर पर रामबीर के साथ सुरक्षा गार्ड सुरेश कुमार एएसआई भी मौजूद था कि तभी तीन युवक अपनी बाइक को धुलवाने के लिए आए। उनमें से एक युवक ने रामबीर पर गोलियां चला दी। उनकी गोली से रामबीर तो बच गया लेकिन उनकी गोली सुरेश कुमार एएसआई को लग गई जिससे सामान्य अस्पताल नारायणगढ़ में सुरेश कुमार की मौत हो गई थी।