अंबाला सिटी। जनसुई नहर में शुक्रवार रात को छलांग लगाने वाले बीएसएनएल कर्मचारी आशीष का शव तीन दिन बाद सोमवार शाम को ज्योतिसर के पास स्थित डैम से बरामद हुआ है। शनिवार सुबह से गोताखोर आशीष को नहर में तलाशते रहे, लेकिन उसका शव बरामद नहीं हो सका। नग्गल थाना एसएचओ जगदीश चंद्र ने बताया कि सोमवार शाम करीब साढ़े 6 बजे उन्हें सूचना मिली कि आशीष का शव ज्योतिसर के पास स्थित डैम से बरामद हुआ है। वह बीएसएनएल शाहाबाद में टेलीकॉम टेक्निशियन के पद पर कार्यरत था। उन्होंने बताया कि आशीष के शव की शिनाख्त उसके भाई व जीजा ने की है। इसके बाद पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
भारत संचार निगम लिमिटेड के बंद होने की आशंका के चलते अंबाला छावनी के बीडी फ्लोर मिल के निकट हरिनगर निवासी आशीष कुमार ने शुक्रवार शाम जनसुई नहर में छलांग लगा दी थी। घटनास्थल पर परिजनों को आशीष की बाइक मिली और बाइक पर लगे बैग में से उसके आई-कार्ड, आधार कार्ड व पर्स मिला। पर्स में एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने बीएसएनएल के बंद होने की आशंका जताते हुए खुद को भविष्य को लेकर परेशान बताया। लिखा था कि इसी कारण वह जनसुई हेड नहर में कूदकर जीवनलीला समाप्त कर रहा है। वह सुसाइड नोट को तीन मई को अपने दोस्तों के व्हाट्सएप पर भेजकर रात करीब साढ़े आठ बजे से लापता हो गया था।