कानपुर देहात। डेरापुर पुलिस की अभिरक्षा से भागने वाले पॉक्सो एक्ट के आरोपी को भले ही 12 घंटे के अंदर पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन लापरवाही करने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। एसपी ने पूरे मामले की जांच सीओ अकबरपुर को सौंप कर दस दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी है।
डेरापुर थाना क्षेत्र के कांधी गांव निवासी धर्मेंद्र कठेरिया पर 15 मार्च को एक किशोरी को ले जाने व पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी। मामले में पुलिस ने उसे 2 मई को गिरफ्तार कर लिया था। मुंगीसापुर चौकी इंचार्ज सुभाष यादव एक सिपाही के साथ निजी कार से उसे माती स्थित अदालत लिए जा रहे थे। अकबरपुर में उनकी कार एक गड्डे में फंस गई, जिस पर उन्होंने आरोपी से कुछ ईंटें ढूंढकर लाने को कहा। कुछ ईंटेें लेकर आया तो चौकी इंचार्ज व सिपाही उन्हें गड्ढे में भरने लगे। इस बीच आरोपी मौके से फरार हो गया था। एसपी राधेश्याम ने डेरापुर पुलिस व स्वाट टीम को आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए लगाया था। पुलिस ने 3 मई की सुबह उसे फिर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से एक तमंचा व एक कारतूस बरामद होने का दावा करते हुए शस्त्र अधिनियम के तहत एक और मुकदमा दर्ज कराया था।
वहीं चौकी इंचार्ज मुंगीसापुर ने अकबरपुर कोतवाली में उस पर पुलिस अभिरक्षा से भागने का मुकदमा लिखाया था लेकिन इस पूरे प्रकरण में पुलिस की लापरवाही पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में सोमवार को एसपी ने सीओ अकबरपुर अर्पित कपूर को प्रकरण की जांच सौंपकर दस दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी है। एसपी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होगी।