फर्जी कागजात के सहारे फर्म खड़ी कर दो करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सेल टैक्स विभाग ने एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा है। गलत पत्ते के सहारे फर्म रजिस्टर कराने वाले फर्म मालिक ने सरकार को करोड़ों का टैक्स जमा नहीं कराया और वह प्रदेश एवं अन्य राज्यों में व्यापार करता रहा। दो-तीन माह तक फर्म द्वारा अपना नियमित टैक्स भी जमा नहीं कराया गया। इसी फर्म का जब करीब 12 करोड़ रुपये का ई-वे बिल विभाग की पकड़ में आया। तब छानबीन की गई तो एक के बाद एक परतें खुलती चली गईं। फर्म ने 2.01 करोड़ रुपये का टैक्स नहीं भरा जबकि उसके कागजात फर्जी पाए गए। इतना ही नहीं बैंक के जरिये भी फर्म ने लेनदेन नहीं किया। विभाग के डीईटीसी सुरेंद्र के निर्देशों पर ईटीओ अश्विनी सोनी ने फर्म मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज लगाने एवं अन्य धाराओं के तहत कैंट थाने में मामला दर्ज कराया है।
---
इस तरह हुआ फर्जीवाड़ा
ईटीओ अश्विनी सोनी ने कैंट थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि प्रदीप नामक व्यक्ति ने बीते वर्ष मार्च में अपनी फर्म को रजिस्टर कराया था। फर्म रजिस्टर कराने के लिए उसने अपना पता रेल विहार लिखाया था। हालांकि फर्म द्वारा कुछ माह तक टैक्स भरा गया। मगर इसके बाद तीन-चार माह टैक्स नहीं भरा गया। फर्म द्वारा जून 2018 से जनवरी 2019 तक 7.76 करोड़ खरीद के बिल जारी हुए जबकि फर्म ने इस अवधि के दौरान 11.54 करोड़ के ब्रिकी के बिल जारी किए। इस अवधि के दौरान फर्म ने केवल 10,556 टैक्स जमा करवाया है। इसके उपरांत कुछ माह तक टैक्स भी नहीं भरा गया। फिर एकाएक सामने आया कि प्रदीप की फर्म ने 12.53 करोड़ रुपये के बिल तथा ई-वे बिल हरियाणा के व हरियाणा के बाहर के व्यापारियों को जारी किए। विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले को लेकर फर्म की पूरी पड़ताल की गई। प्राथमिक जांच में सामने आया कि फर्म को रजिस्टर करने के लिए लिखवाया पता फर्जी निकला। प्रदीप मूलरूप से दशमेश कॉलोनी गली मंडी गोबिंदगढ़ पंजाब का रहने वाला था, जिसका बैंक अकाउंट भी वहां पर है। प्रदीप ने जो ई-वे बिल जारी किए और खरीदने वाले व्यापारियों ने मूल्य 2.01 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया जबकि खुद फर्म के पास न तो इनपुट टैक्स क्रेडिट है न ही उसने खुद टैक्स जमा करवाया। इससे विभाग को 2.01 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ईटो की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनाने एवं अन्य धाराओं के तहत प्रदीप पर मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
---
अंबाला में ऐसा पहला मामला पकड़ा गया है। करीब दो करोड़ रुपये टैक्स जमा नहीं कराया गया है जिसपर फर्म मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर उसका सेल टैक्स नंबर रद्द किया गया है।
- सुरेंद्र, डीईटीसी, अंबाला।
---
फर्म का पता फर्जी पाया गया। जो पता बताया गया था वह एक सरकारी पता था, जहां वेरिफिकेशन की गई। विभाग द्वारा अन्य फर्मों की भी पड़ताल की जाएगी और ऐसे मामलों में केस दर्ज कराए जाएंगे।
- अश्विनी सोनी, ईटीओ, अंबाला।