अंबाला। चलती ट्रेन में एनआरआई महिला से 5 हजार अमेरिकी डॉलर व एक लाख रूपये नकद छीनकर छलांग लगाने वाले अर्जुन को अदालत ने दोषी करार दे दिया है। मुजरिम की सजा बाद में तय की जाएगी। विदेश से गवाही देने आई एनआरआई ने भरी अदालत में अजुऱ्न को देखते ही पहचान लिया था। पहचान व जांच में जुटाए पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को मुजरिम करार दिया है।
वारदात 11 मार्च 2019 को तब हुई थी जब एनआरआई अल्का भारद्वाज ट्रेन में सवार होकर चंडीगढ़ से जयपुर जा रही थी। कैंट रेलवे स्टेशन से ही बंधु नगर का अर्जुन भी इसी ट्रेन में सवार हुआ था जिसमें अल्का सफर कर रही थी। राजकीय रेलवे पुलिस के मुताबिक कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेन निकलने के बाद अर्जुन ने चलती ट्रेन में अल्का का पर्स छीन लिया था। इसके बाद वह छलांग लगाकर फरार हो गया। तब अल्का ने कुरूक्षेत्र जीआरपी थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करवाई थी। तब अल्का ने बताया था कि छीने गए पर्स में सोने व डायमंड के कीमती गहनों के साथ पांच हजार अमेरिकी डॉलर व एक लाख रूपये की नकदी, एप्पल का मोबाइल फोन, विदेशी पासपोर्ट समेत कई जरूरी दस्तावेज भी थे। कुरुक्षेत्र में जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला जांच के लिए अंबाला जीआरपी के हवाले कर दिया था।
फिर घर से मिले थे अमेरिकी डॉलर
जांच के लिए केस अंबाला ट्रांसफर होने के बाद एसएचओ रामबचन की अगुवाई में कार्रवाई शुरू हुई थी। जांच के दौरान ही पुलिस ने अर्जुन को काबू कर उसके कब्जे से 4100 अमेरिकी डॉलर 55 हजार रुपये की नकदी, सोने व डायमंड के गहने जब्त किए थे। बाद में अल्का का पासपोर्ट व दूसरे दस्तावेज नाले से मिले थे। ये तमाम सबूत पुलिस ने अदालत के सामने पेश किए थे। साथ ही पुलिस ने अदालत को यह भी बताया था कि अर्जुन चलती ट्रेन में स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देने में माहिर है। यमुनानगर व कैंट के दो मामलों में अदालत उसे सजा सुना चुकी है। इसी आधार पर अब उसे दोषी करार दिया है।
दोषी करार दिए गए अर्जुन के खिलाफ हमारे पास पुख्ता सबूत थे। खुद परिवादी ने भरी अदालत में उसकी शिनाख्त की थी। जांच के दौरान पुलिस ने भी उसके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए थे। इसी आधार पर उसका जुर्म साबित हो गया। परिवादी भी मामले में गवाही देने के लिए विदेश से आई थी। मैंने अदालत से मुजरिम को कड़ी सजा देने का आग्रह किया है।
रितु सिंह मान, पैरवीकार, अभियोजन पक्ष