अंबाला सिटी। ठरवा गांव को कोरोना पॉजिटिव 42 वर्षीय व्यक्ति किडनी खराब होने के बावजूद रोजाना औसतन एक बंडल बीडी और एक सिगरेट का सेवन कर रहा था। इतना ही नहीं उसी सांसे भी उखड़ रही थी पर उसने बीडी-सिगेटर बंद नहीं की। इतना ही नहीं 25 साल से उसे शुगर भी था। कोरोना पॉजिटिव घोषित होने से पहले वह तीन स्वास्थ्य केंद्रों पर गया। अलबत्ता उस समय उसके संपर्क में आने वाले सभी स्टाफ को भी क्वारंटीन कर दिया गया है। इनमें पीएचसी माजरी, सीएचसी चौड़मस्तपुर व छावनी के डायलिसिस विभाग का स्टाफ शामिल हैं। इतना ही नहीं पानीपत में रहने वाली उसकी भाभी और रोहतक में काम करने वाला उसका भाई भी उसके संपर्क में आए। गांव ठरवा का एक परिवार जिसमें तीन भाई और एक बहन व माता-पिता हैं वह भी उसके संपर्क में आए। इसी परिवार में हाल ही में एक डिलीवरी भी हुई है। इस तरह करीब 26 परिवार और उनके सदस्य कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए थे। इन सभी को स्वास्थ्य विभाग ने क्वारंटीन कर दिया है।
जानिए कोरोना मरीज कैसे पहुंचा पीजीआई
25 साल पहले ठरवा के इस व्यक्ति को शुगर की बीमारी का उस समय पता चला जब पांव में हुआ जख्म नहीं भरा। पिछले सात महीने से वह छावनी नागरिक अस्पताल से डायलिसिस करवा रहा था। इस महीने 14 अप्रैल को डायलिसिस करवाने यहां आया था। इसके बाद 20 की सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच डायलिसिस की गई। एक बजे अपने घर पहुंच गया। 21 अप्रैल को घर पर रहा। 22 अप्रैल को सांस लेने में दिक्कत हो गई। इसीलिए शाम को विक्रम नाम का व्यक्ति अपनी कार में सिविल अस्पताल साढ़े 5 बजे लेकर पहुंचा। अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ व तकनीशियन ने इसे दवाई की भांप दी। उसके अलावा 14-14 का स्टाफ सुबह व 10 का स्टाफ रात में ड्यूटी पर था। भांप व दवाई लेने के बाद घर चला गया लेकिन उसकी सांसें घर जाकर उखड़ने लगी। पीएचीसी माजरी से एंबुलेंस मंगवाई। वहां से चौड़मस्तपुर सीएचसी में शिफ्ट किया गया और वहां से दोबारा छावनी नागरिक अस्पताल। यहां से करीब डेढ़ बजे 23 अप्रैल को पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया। वहां पर एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और अन्य टेस्ट के बाद कोरोना संदिग्ध पाया गया लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण उस रात टेस्ट नहीं हो सके। अगले दिन टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव पाया गया।
दो स्पेशलिस्ट डाक्टरों, रेडियोग्राफर सहित नौ तीन दिन के लिए होम क्वारंटीन
डायलिसिस विंग के मरीजों व स्टाफ के सैंपल लेने के अलावा अब छावनी के नागरिक अस्पताल के दो स्पेशलिस्ट डाक्टर, रेडियोग्राफर सहित स्वीपर व अन्य नौ को तीन दिन के लिए होम क्वारंटीन कर दिया। इनमें मेडिसन स्पेशलिस्ट डॉ. मनोज मंगला, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुधा, रेडियोग्राफर अतुल, फोर्थ क्लास प्रदीप, मेडिसन ओपीडी से पूजा, पिंकी, नीतू व अल्का, अमित शामिल है। 29 अप्रैल को सभी के सैंपल कोरोना टेस्ट के लिए भेजे जाएंगे। जब तक उनकी रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आती, तब तक वह अपने-अपने घर में क्वारंटीन रहेंगे। यह सभी अनजाने में मरीज के रेफर होने से पहले संपर्क में आए थे। बता दें कि ठरवा से 41 वर्षीय मरीज किडनी खराब होने के चलते डायलिसिस करवाने के लिए आया था। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे जांच के लिए इमरजेंसी वार्ड में लेकर गए थे। वहां से एक्स-रे रूम व मेडिसन ओपीडी में गया था।