अंबाला। सेंट्रल जेल के करीब 250 बंदियों की पैरोल छह हफ्ते के लिए बढ़ा दी गई है। कोरोना संक्रमण की वजह से खराब होती स्थिति के कारण जेल प्रबंधन की ओर से यह निर्णय लिया गया है। मार्च-2020 से ही ज्यादातर बंदी पैरोल या फिर फरलो पर चल रहे हैं। इनमें सजायाफ्ता के साथ वे बंदी भी शामिल हैं जिनके मामलों की सुनवाई अदालतों में विचाराधीन है।
बता दें कि कि सर्वोच्च न्यायालय ने 23 मार्च को इस सिलसिले में एक निर्देश जारी किया था। तब यह फैसला लिया गया था कि जो बंदी पहले से ही पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर हैं उनकी चार सप्ताह की विशेष पैरोल बढ़ाई जाएगी। उनमें वो बंदी शामिल थे जोकि एक पैरोल या फरलो शांतिपूर्ण व्यतीत करके समय पर जेल में वापस आ गए थे। उन्हें भी छह सप्ताह की विशेष पैरोल देने के आदेश दिए गए थे। साथ ही जिन बंदियों की आयु 65 वर्ष से अधिक है, एक से अधिक केसों में संलिप्त नहीं है। एक से अधिक मात्रा में मादक पदार्थ के केस या धारा 379 बी, पोक्सो एक्ट, दुष्कर्म, एसिड अटैक जैसे मामले में सजायाफ्ता बंदी इसमें शामिल नहीं थे । उन्हें भी अच्छे आचरण के आधार पर छह सप्ताह की विशेष पैरोल दी गई थी। हालांकि इसमें विदेशी बंदियों को इसका लाभ नहीं दिया गया।
जेल से बाहर आते ही दर्ज हुए नए केस
हत्या जैसे जघन्य अपराध में सजायाफ्ता रणदीप राणा व बंटी कौशल जैसे मुजरिमों को भी कोरोना संक्रमण की वजह से पैरोल या फिर फरलो पर कुछ हफ्ते की रिहाई मिली थी। हालांकि जेल से बाहर आने के बाद इन पर अपहरण व धमकाने के केस दर्ज हो गए। रणदीप पर दो सगे भाईयों ने अपहरण के बाद फिरौती वसूलने के आरोप लगाए थे जो कि बंटी पर धमकी देने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है।
कोरोना संक्रमण की वजह से पैरोल या फिर फरलो पर चल रहे बंदियों को 16 नवंबर तक राहत दी गई है। सभी को इसके तुरंत बाद सरेंडर करना होगा। बंदियों को संक्रमण से बचाने के लिए जेल में पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। -लखबीर सिंह बराड़ा, अधीक्षक, अंबाला सेंट्रल जेल