- सात आरोपियों की गिरफ्तारियों के बाद अंबाला पुलिस की एसआईटी ने पूरी की अपनी जांच
- अब तक विस्फोट सामग्री का नहीं हुआ खुलासा, एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। बलदेव नगर थाने को दहलाने की साजिश के मामले की जांच अब एनआईए को सौंप दी है। सात आरोपियों की गिरफ्तारियों के बाद अंबाला पुलिस की एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। हालांकि अब तक विस्फोटक सामग्री का पता लगाने के लिए एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार है। पहले भी एनआईए अंबाला की एसआईटी के साथ मिलकर जांच कर रही थी लेकिन अब पूरा मामला वह खुद देखेगी। जांच में शहजाद भट्टी ही मास्टरमाइंड निकला है।
अंबाला एसआईटी की जांच में मुख्य आरोपी पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी सामने आया है। एक के बाद एक पकड़े गए आरोपियों के तार सीमा पार बैठे शहजाद भट्टी से ही जुड़ गए थे। पाकिस्तान की सीमा से सटे पंजाब के अलग-अलग गांव में युवाओं को ही शहजाद भट्टी संपर्क में लेकर अपने साथ जोड़ता था। वह भारत से ही फर्जी सिम को इस मामले में पकड़े गए आरोपी अमरजीत, सत्यम, सुखदेव के जरिये खरीदता था। फिर उन्हें ड्रोन भेजकर पाकिस्तान मंगवा लेता था। बदले में आरोपियों को नशा उपलब्ध करवाता था।
थाने में खड़ी की थी कार
अंबाला सिटी के बलदेव नगर थाने में 21 जनवरी को एक मारुति कार खड़ी कर उसे विस्फोट से उड़ाने का प्रयास किया गया था। गनीमत रही कि विस्फोट सामग्री से जोरदार धमाका नहीं हुआ व आग डिग्गी में रखे गैस से भरे मिनी सिलिंडरों तक नहीं पहुंची। इस मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई थी। अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने एसआईटी का गठन किया था। अब तक इस मामले में पुलिस पटियाला निवासी कर्मजीत, फिरोजपुर निवासी आकाश व सौरभ दो भाईयों व फिरोजपुर निवासी रमन, अमरजीत, सत्यम व सुखदेव को काबू किया था। पता चला कि अमरजीत व सुखदेव हाईवे किनारे कनोपी लगाकर लोगों को डमी सिम देते थे और सही सिम सीमा पार भेज देते थे।
अंबाला एसआईटी की जांच पूरी हो गई है। आगे की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। इस मामले में अब तक सात आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है। विस्फोटक सामग्री का पता लगाने के लिए अभी एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार है।
- अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक अंबाला