फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ज्ञापन देने से पहले ऑफिस से निकले डीसी तो धरने पर बैठीं सैलजा, निर्मल-हिम्मत समर्थकों का बवाल

Wed, 20 Nov 2019 12:45 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला सिटी (हरियाणा)

सार

  • कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सैलजा को दूर से काले झंडे दिखाने की भी कोशिश। 
  • केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेसियों ने किया विरोध-प्रदर्शन।   
विज्ञापन
डीसी ऑफिस के बाहर धरने पर बैंठी कुमारी सैलजा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में मंगलवार को निर्मल-हिम्मत समर्थकों ने खलल डालने की कोशिश की। इस दौरान कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा को काले झंडे दिखाने की भी कोशिश की। मंच से थोड़ी दूर खड़े होकर दोनों नेताओं के समर्थकों ने नारेबाजी भी की। विरोध की वजह से स्थिति न बिगड़े इसलिए पुलिस ने सभी समर्थकों को हिरासत में ले लिया। 

विज्ञापन


तय कार्यक्रम के तहत सैलजा समर्थकों के साथ केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ डीसी को ज्ञापन देने निकल गईं। सूचना के बावजूद डीसी के ऑफिस से निकल जाने की वजह से सैलजा ने इस पर कड़ा एतराज जताया। तीन विधायक व कार्यकर्ताओं के साथ वे डीसी ऑफिस के बाहर ही धरने पर बैठ गईं। कार्यकर्ताओं ने डीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे बाद डीसी फिर ऑफिस पहुंचे तब कार्यकर्ताओं से ज्ञापन लिया।  

गिरती अर्थव्यवस्था व बेरोजगारी को लेकर बोला हमला 
इससे पहले अग्रसेन चौक पर एकजुट हुए कांग्रेसियों को संबोधित करते कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 45 सालों में अब देश में बेरोजगारी की स्थिति सबसे खराब है। देश के युवा बेहाली व बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। उन्होंने सेंटर फॉर मोनिटरिंग ऑफ इंडियन इकोनोमिक की रिपोर्ट का हवाला देते कहा कि अगस्त 2019 में बेरोजगारी की दर 8.19 प्रतिशत हो गई है।

विज्ञापन
Trending Videos

यह स्थिति पिछले 72 सालों में सबसे ज्यादा खराब है। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं में बेरोजगारी की दर 15 फीसदी तक पहुंच गई है। यह बेहद चौंकाने वाले आंकड़े हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की स्थिति भी लगातार बिगड़ रही है। देश में 18 से 23 साल की उम्र के 74 फीसदी युवा कॉलेज ही नहीं जा पा रहे हैं।

नेहरू-गांधी परिवार ने दी कुर्बानी 
सैलजा ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार ने देश के लिए बड़ी कुर्बानी दी। खुद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व राजीव गांधी ने देश की एकता व अखंडता के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी खुद देश के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। 

निर्मल-हिम्मत समर्थकों ने की नारेबाजी 
सैलजा का भाषण खत्म होने से कुछ देर पहले ही पूर्व मंत्री निर्मल सिंह व हिम्मत सिंह के करीब एक दर्जन समर्थक विनोद धीमान व मनोज शर्मा के साथ काले झंडे लेकर पहुंच गए। अग्रसेन चौक पर इन लोगों ने सैलजा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि पुलिस ने बाद में सभी समर्थकों को हिरासत में ले लिया था।
 
ज्ञापन लेने से पहले निकले डीसी, सैलजा बैठीं धरने पर 
केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सैलजा समर्थकों के साथ राष्ट्रपति के नाम डीसी अशोक कुमार शर्मा को ज्ञापन देने निकली थीं। पर इससे पहले डीसी अपने ऑफिस से निकल गए। एडीसी को ज्ञापन लेने की जिम्मेदारी दी गई। मगर सैलजा ने उसे ज्ञापन देने से मना कर दिया। इस बात पर उन्होंने कड़ा एतराज जताया कि बात होने के बावजूद डीसी ज्ञापन लेने से पहले निकल गए। तब वे कार्यकर्ताओं के साथ डीसी ऑफिस के बाहर ही धरने पर बैठ गईं। डीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। 
विज्ञापन

कार्यकर्ताओं से अनुमति लेकर निकलीं

काफी देर तक डीसी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठने के बाद सैलजा कार्यकर्ताओं की इजाजत लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। मगर जाने से पहले उन्होंने ज्ञापन देने की जिम्मेदारी मुलाना के विधायक वरुण चौधरी व पूर्व सीपीएस रामकिशन गुर्जर को सौंपी। करीब दो घंटे तक दोनों नेता डीसी ऑफिस के बाहर डटे रहे। वापस आने के बाद डीसी ने माफी मांगकर कार्यकर्ताओं से ज्ञापन लिया। 

रात को एक एरिया में लगाए पोस्टर 
कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन से एक दिन पहले सोमवार को शहर में कई जगह कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा से पूछे गए 22 सवालों से जुड़े पोस्टर चस्पा किए गए। जबकि सवाल पूछने वालों का पोस्टर में कहीं जिक्र नहीं किया गया। न ही उस प्रिंटर का नाम पोस्टर पर था जिसने इनकी छपाई की। सैलजा से पोस्टर में पूछा कि गुहला के विधायक ईश्वर सिंह को राज्यसभा सदस्य व एससी आयोग का सदस्य क्यों बनवाया गया था? अपने भाई जग्गनाथ को हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का सदस्य क्यों बनाया गया? हिसार के डॉ. अजय चौधरी को अपना ओएसडी व करनाल के रामशरण भोला को हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का सदस्य क्यों बनाया गया? अपने ओएसडी डॉ. अजय चौधरी व नजदीकी प्रताप चौधरी की पारिवारिक सदस्य को एचसीएस क्यों बनवाया गया? पोस्टर में सभी सवालों के जवाब मांगे गए। 

प्रदर्शन के दौरान असंध से कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह गोगी, पूर्व विधायक जसबीर मल्लौर, यमुनानगर से निर्मल चौहान, वेणु अग्रवाल, पूर्व महिला अध्यक्ष अमरजीत कौर सोढ़ी, पूर्व जिलाध्यक्ष हरीश सासन, पूर्व युवा अध्यक्ष तरूण चुघ, ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान अशोक बूंदी, राजेश मेहता, परमिंद्र सिंह परी, नीलम शर्मा, बलविंद्र पुनिया, रिंकू पुनिया, खुशवीर वालिया समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें