अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर खुले भोजनालय की सोशल मीडिया पर डाली गई शिकायत। एक
अंबाला। सोशल मीडिया पर झूठी शिकायतें डालकर रेलवे की छवि खराब करने का काम किया जा रहा है। यह खुलासा आईआरसीटीसी की ओर से की गई जांच के बाद सामने आया है। इसमें शिकायतकर्ता पर अब कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।
ऐसे ही दो मामले अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से संबंधित सोशल मीडिया पर डाले गए थे। स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर बने भोजनालय से संबंधित था तो दूसरा खानपान स्टाल से। भोजनालय से संबंधित मामले में शिकायतकर्ता ने बताया कि जब डीआरएम स्टेशन के निरीक्षण पर थे तो भोजनालय की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया गया लेकिन जब शिकायत के आधार पर आईआरसीटीसी ने इसकी जांच की तो यह मामला कुछ और निकला।
दरअसल, शिकायतकर्ता भोजनालय के अंदर गया ही नहीं, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों के रेट को लेकर उसे कुछ गलतफहमी हो गई थी। जबकि उसने सोशल मीडिया पर जो शिकायत डाली थी, उसमें बताया था कि जब वो खाना खाने के लिए किचन में गया तो खाना बेहद ही घटिया क्वालिटी का था और भोजनालय के अंदर गंदगी भी थी।
जब आईआरसीटीसी ने इसकी जांच की और भोजनालय सहित प्लेटफार्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो नजर आया कि शिकायतकर्ता तो भोजनालय के अंदर गया ही नहीं, बल्कि बाहर से ही फोटो खींचकर उसने शिकायत सोशल मीडिया के माध्यम से रेलवे को भेज दी।
इसी प्रकार दूसरे मामले में रेल नीर की बोतल 15 की जगह 20 रुपये में देने का सामने आया था। जब इसकी जांच की तो सामने आया कि स्टाल से पानी की बोतल लेते समय वेंडर ने 15 रुपये रेल नीर के साथ पांच रुपये का बिस्कुट का पैकेट भी यात्री को दिया था। इसका भी खुलासा सीसीटीवी फुटेज से हुआ है। ऐसे में लगातार मिल रही इन शिकायतों को लेकर भी आईआरसीटीसी गंभीरता से विचार कर रही है कि इन झूठी शिकायतों के खिलाफ भी नया नियम बनाया जाए ताकि रेलवे की छवि खराब करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।