अंबाला। नई शिक्षा नीति के आने के बाद कॉलेजों में नए पाठ्यक्रम व विषय विद्यार्थियों को खासे पसंद आ रहे हैं। इनकी पढ़ाई करने के बाद विद्यार्थी सीधे अपना काम कर रोजगार पैदा कर सकते हैं। इसके साथ ही कंपनियों में नौकरी भी कर सकते हैं। कॉलेजों का भी इन पर ही जोर है। कॉलेजों में विद्यार्थियों को इन विषयों के साथ जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही ऐसे पाठ्यक्रमों की मांग लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, घरेलू उपकरणों की देखभाल, वेब डिजाइनिंग जैसे विषयों में विद्यार्थी महारथ हासिल कर सकते हैं।
-
ग्राफिक डिजाइनिंग से लेकर रचनात्मक विज्ञापन तक विषय
एसए जैन पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों को वोकेशनल पाठयक्रम में नई शिक्षा नीति के अनुसार विषयों को शामिल किया गया है। इस बार कॉलेज में ग्राफिक डिजाइनिंग, वेब डिजाइनिंग, एडवांस वेब डिजाइनिंग, मैंटिनेंस ऑफ इलेक्ट्रिकल एप्लाइंसिस, एग्रीकल्चर कैमेस्ट्री, रचनात्मक विज्ञान, ऑफिस ऑटोमेशन जैसे विषयों को पढ़ने का मौका मिलेगा। इन विषयों को पढ़ने के बाद विद्यार्थी अपना रोजगार भी कर सकते हैं। इसके लिए भी कॉलेज प्रबंधन मार्गदर्शन करने का काम करेगा। इसी प्रकार जीएमएन कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीसीए की पढ़ाई कराई जा रह है।
ऑनलाइन इंटर्नशिप पर न करें भरोसा
इसके साथ ही विभिन्न पाठ्यक्रमों में इंटर्नशिप का भी प्रावधान कर दिया गया है। विद्यार्थियों की इंटर्नशिप के लिए अब कॉलेजों ने भी कंपनियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। हालांकि कई ऑनलाइन इंटर्नशिप कराने वाली कंपनियां भी सामने आ रही हैं। जो विद्यार्थियों को रिझाने का काम कर रही हैं। जीएमएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने बताया कि इंटर्नशिप के लिए कॉलेज अपने स्तर पर कंपनियों से संपर्क करें तो यह अच्छा प्रयास होगा। क्योंकि ऑनलाइन माध्यम से इंटर्नशिप का बच्चों को अधिक फायदा नहीं मिलेगा। नई शिक्षा नीति में इंटर्नशिप का अच्छा प्रावधान है। बच्चों को आगे चलकर इसका लाभ भी मिलेगा।