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स्वच्छता रैंकिंग : राष्ट्रीय स्तर पर सुधार, प्रदेश स्तर पर सफाई में पिछड़े नगर निकाय

Fri, 18 Jul 2025 06:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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अंबाला सिटी। केंद्र सरकार ने वीरवार को नगर निकायों की स्वच्छता रैंकिंग जारी कर दी है। इसमें नगर निगम अंबाला की रैंकिंग इस बार फिर गिर गई है। पिछली बार देशभर में अंबाला स्वच्छा की श्रेणी में 205वें स्थान पर आया था जबकि इस बार 212वी रैंक पर पहुंचा है। वहीं अगर हरियाणा में पिछले वर्ष निगम अंबाला आठवें पायदान पर था, जो अब 17वें स्थान पर पहुंच गया है। ऐसा तब है जब बीते पांच साल से सफाई पर सरकार 70 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि खर्च कर चुकी है।
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इसी प्रकार अंबाला सदर नगर परिषद की राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग सुधरी है पर प्रदेश स्तर पर यह भी 10वें स्थान से लुढ़ककर 25वें स्थान पर आ गया है। वहीं दूसरी तरफ सीएम के पैतृक गांव वाली नारायणगढ़ नगर पालिका प्रदेश में पिछले सर्वेक्षण में 7वें स्थान पर आया था जबकि इस बार 73वें स्थान पर आ गया है। यही कारण है कि नारायणगढ़ से ओडीएफ प्लस दर्जा छिन गया है। अब नारायणगढ़ सिर्फ ओडीएफ पर सिमट गया है। वहीं बराड़ा नगर पालिका की रैंकिंग भी प्रदेश में गिरी है। बराड़ा नप पहले 44वें स्थान पर थी जबकि इस पर के सर्वेक्षण में 54वें स्थान पर आ गई है।
जानिए..किस श्रेणी में कौन रहा
पहले अब
नगर निगम ओडीएफ प्लस वॉटर प्लस
अंबाला सदर ओडीएफ प्लस ओडीएफ प्लस प्लस
नारायणगढ़ ओडीएफ प्लस ओडीएफ
बराड़ा ओडीएफ प्लस ओडीएफ प्लस प्लस
राष्ट्रीय स्तर पर आई यह रैंक
नाम पहले अब
नगर निगम 205 212
अंबाला सदर 245 234
नारायणगढ़ 1399 1028
बराड़ा 2850 821

राज्य स्तर पर आई यह रैंक
नाम पहले अब
नगर निगम 8 17
अंबाला सदर 10 25
नारायणगढ़ 7 73
बराड़ा 44 54
पिछले पांच वर्ष में ऐसी रही रैकिंग
-2020 की बात करें तो 1 से 10 लाख की जनसंख्या तक की आबादी वाले शहरों में अंबाला 120वें स्थान पर रहा था।
- 2021 में अंबाला शहर हरियाणा के 6 सबसे साफ शहरों में रहा था। स्वच्छता सर्वे में नगर निगम 120वें से 90वें पायदान पर पहुंचा था। अंबाला छावनी नगर परिषद की 132वीं रैंकिंग थी। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में अंबाला शहर नगर निगम को प्रदेश के 7 शहरों के बीच कांस्य पदक यानी आरोही पुरस्कार मिला था।
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- 2022 में अंबाला शहर एक पायदान नीचे खिसककर 91वें स्थान पर पहुंच गया था। निगम ने 1 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में 91वीं रैंक हासिल की थी।
- 2023 में अंबाला शहर के नगर निगम को 8वां और नगर परिषद अंबाला सदर को 10वां स्थान मिला था। नारायणगढ़ नगर पालिका 7वें स्थान पर रही थी।
- 2024 में स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम अंबाला शहर को प्रदेश में आठवीं और नगर परिषद अंबाला सदर को 10वीं रैंक मिली। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर नगर निगम अंबाला शहर को 205वीं और नगर परिषद अंबाला सदर को 245वीं रैकिंग मिली।
इसलिए गिर रही जिला में नगर निकायों की रैंकिंग
- नगर निकायों में लंबे समय से सफाई कर्मचारियों की कमी।
- सफाई को लेकर आधुनिक संसाधनों की कमी।

- सीवरेज निस्तारण को लेकर बुनियानी ढांचे की कमी।

- कचरा निस्तारण में भी हीलाहवाली।

नगर परिषद में 199 कर्मचारियों की कमी
परिषद की ओर से एसटीपी बब्याल और मछौंडा में शुरू किया गया है। करीब एक लाख लोगों को इसका फायदा होगा। क्रॉस रोड नंबर 12 और खुड्डा खुर्द में एसटीपी से संबंधित कार्य चल रहा है, जोकि आगामी दो से तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। नगर परिषद में 400 सफाई कर्मचारी हैं। सफाई व्यवस्था पर सालाना 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रिकरण, छोटे व बड़े नालों की सफाई, स्वीपिंग मशीन का खर्च और नप के सफाई कर्मचारियों को दिए जाने वाले सामान का खर्च शामिल है। रोजाना 110 टन कूड़ा निकलता है। परिषद में 192 सफाई कर्मचारियों की कमी है। भूमिगत नालियों की सफाई के लिए मशीनों की कमी, वार्ड स्तर पर नए डस्टबिन और कूड़ा एकत्रित करने वाले वाहनों की भी काफी कमी है।
निगम में सफाई कर्मचारियों की कमी, सफाई हो रही प्रभावित
अंबाला शहर से रोजाना करीब 200 टन कूड़ा निकलता है। यह कूड़ा घर-घर से उठने के बाद डंपिंग प्वाइंट पर जाता है और उसके बाद पटवी प्लांट में ले जाया जाता है। इससे पूर्व शहर में गंदगी को लेकर नगर निगम की बैठक में भी सवाल उठ चुके हैं। निगम में कर्मचारियों की कमी है। कर्मचारियों की कमी के कारण शहर में सफाई प्रभावित हो रही है। इसको लेकर पार्षद कई बार आवाज उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक सफाई कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई। निगम की ओर से सालाना करीब 15 करोड़ का बजट सफाई पर खर्च किया जा रहा है। निगम की ओर से हर वर्ष दस ट्रैक्टर-ट्रॉली भी किराये पर ली जाती हैं। शहर में 400 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए, जबकि वार्डों में 700 लोगों पर एक कर्मचारी कार्य कर रहा है।
गारबेज फ्री सिटी में भी नहीं आ पाया शहर
स्वच्छता सर्वेक्षण में कुल 12,500 अंक होते हैं। इसमें स्वच्छ सर्वेक्षण में 9500, गारबेज फ्री सिटी (जीएफसी) व वाटर प्लस के 2500 अंक होते हैं। नगर निगम की इस वर्ष वाटर प्लस मिला है। इसके बाद अगले वर्ष निगम गारबेज फ्री सिटी को लेकर आवेदन के लिए प्रयास करेगा। वहीं, इस सर्वेक्षण में डोर टू डोर कलेक्शन व वेस्ट, सोर्स सेग्रीगेशन, वेस्ट जेनरेशन व प्रोसेसिंग, कूड़ेदानों का निवारण, आवासीय क्षेत्रों की साफ-सफाई, बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई, जल निकायों की सफाई के अंक जोड़े जाते हैं।
वर्जन -
स्वच्छता सर्वेक्षण में निगम का रैंक थोड़ा कम हुआ है। अंबाला सदर, नारायणगढ़ व बराड़ा का देशभर की रैंकिंग में रैंक सुधरा है। नगर निगम को इस बार वाटर प्लस मिला है। अगले वर्ष गारबेज फ्री सिटी को लेकर आवेदन करेंगे। पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार तरक्की हुई है।
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रितु शर्मा, कोर्डिनेटर, स्वच्छ भारत मिशन।
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