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डीसी कार्यालय के घेराव के लिए पहुंचे कर्मियों और पुलिस में टकराव

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मांगों को लेकर विभिन्न विभाग के कर्मचारी मंगलवार को सर्वकर्मचारी संघ के बैनर तले डीसी कार्यालय परिसर के घेराव के लिए पहुंचे। इस दौरान जमकर बवाल हुआ। डीसी कार्यालय परिसर का घेराव करने पहुंचे कर्मचारियों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। इसके बाद पुलिस और कर्मचारियों में जमकर धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान पुलिस भी पूरी मुस्तैद दिखी।
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पुलिस टीम ने मानव चेन बनाकर विभिन्न विभागों से आए करीब 150 कर्मचारियों को पीछे की ओर धकेल दिया। करीब 20 फुट तक कर्मचारियों को पीछे धकेले जाने से गुस्साए कर्मचारियों ने जोर आजमाइश होने पर जमकर हंगामा किया। मामले को तूल पकड़ता देख डीसी कार्यालय से आदेश जारी किए गए कि सभी कर्मचारियों को आगे की ओर आने दिया जाए, लेकिन डीसी कार्यालय के प्रवेश द्वार के पास बनाए गए शेड से उन्हें दूर रखा जाए। इसके बाद पुलिस ने आदेश की अनुपालना करते हुए उन्हें आगे आने दिया। कर्मचारियों ने भी इस बार संयम रखा और शेड से दूर ही नीचे जमीन पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस तरह करीब एक घंटा बवाल चला। मौके पर डीएसपी मदन लाल, इंस्पेक्टर रामकुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट होर्टिक्लचर अधिकारी अजेश कुमार मौजूद थे।
धरना ही देना है तो पार्क में जाकर बैठें
डीसी कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे विभिन्न विभागों के कर्मियों को डीसी कार्यालय से आए कर्मी ने कहा कि यदि आपको धरना ही देना है तो पार्क में जाकर दें। यह सुनते ही एसकेएस सचिव महावीर सिंह पाई ने कहा कि हम यहां पिकनिक मनाने नहीं आए बल्कि घेराव करने आए हैं और घेराव करने के बाद ही जाएंगे। इस दौरान कर्मचारियों की पुलिस के साथ कहासुनी भी हुई। कर्मचारियों ने कहा कि यह लड़ाई केवल हमारी ही नहीं आपकी भी है। हम सभी के लिए लड़ रहे हैं।
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अचानक भड़का शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा धरना
दरअसल मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे विभिन्न विभागों के कर्मचारी मांगों की सुनवाई नहीं होने के कारण डीसी कार्यालय परिसर में पहुंचे। यहां पहले से भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। तीन बसों में पहुंचे पुलिस कर्मियों ने कर्मचारियों को डीसी कार्यालय की ओर आने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से मामला बिगड़ सकता है। यह सुनते ही कर्मचारी भड़क गए। बोले, कोई आतंकी नहीं हैं। हमारे पास कोई हथियार भी नहीं है। इतना होने के बावजूद आप हमारे साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं जैसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं? हमारी समझ से बाहर है। इसके के बाद कर्मचारियों सोच समझे आगे बढ़ना चाहा तो पुलिस कर्मियों ने रोक दिया। इसी कारण दोनों पक्षों में जमकर धक्का-मुक्का हुई।
दोनों ओर से महिलाओं को किया आगे
भारी पुलिस बल के द्वारा रोके जाने पर जब कर्मचारियों का कोई बस नहीं चला और उन्हें लगा कि अब वह आगे नहीं बढ़ पाएंगे तो कर्मचारियों ने महिला कर्मियों को आगे कर दिया। यह देखकर पुलिस ने भी महिला कर्मियों को आगे कर दिया। यहां भी महिला पुलिस कर्मियों के जोर पर भारी पड़ी। इस तरह जमकर हंगामा चला।
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