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तहसील से शिफ्टिंग को लेकर वकीलों व डीड राइटर्स में हुआ टकराव, मंत्री तक पहुंचा विवाद

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कैंट तहसील से शिफ्टिंग को लेकर डीड राइटरों व वकीलों में टकराव बढ़ गया। इसको लेकर वीरवार को दोनों के बीच खूब तकरार भी हुई। मामले को लेकर वकील गृहमंत्री अनिल विज के पास भी पहुंचे। एसडीओ से भी मुलाकात करने की कोशिश की। नायब तहसीलदार ने विवाद खत्म करने का प्रयास किया। मगर अभी बात नहीं बन पाई। फिलहाल आधा दर्जन डीड राइटर्स अड़े हुए हैं। दरअसल कैंट तहसील के नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। जिस भवन में अभी ऑफिस चल रहा है उसे ढहाए जाने की कार्रवाई चल रही है। इसके लिए एसडीएम ने तहसील में बैठे वकीलों, टाइपिस्ट, स्टांप वेंडर्स व डीड राइटर्स को रुक्मिणी देवी हाल के मैदान में शिफ्ट होने के आदेश दिए थे। अभी तक केवल वकीलों ने ही अपने चैंबर स्थापित किए हैं। डीड राइटर्स समेत कुछ टाइपिस्ट व स्टांप वेंडर अभी भी तहसील ऑफिस में काम कर रहे हैं। ऑफिस व स्थापित चैंबरों के बीच दूरी ज्यादा होने के कारण वकीलों की दिक्कत बढ़ रही है। इस कारण उनका काम भी प्रभावित हो रहा है। इसी वजह से वे निरंतर डीड राइटर्स को भी शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं।
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वीरवार को शिफ्टिंग को लेकर वकीलों व डीड राइटर्स के बीच खूब तकरार हुई। मामला गृहमंत्री अनिल विज तक पहुंच गया। पहले तो वकीलों ने एसडीएम सुभाष सिहाग से मुलाकात करने की कोशिश की। मगर वे ऑफिस में नहीं मिल पाए। इसके बाद सभी वकील एकजुट होकर गृहमंत्री अनिल विज के आवास पर पहुंच गए। हालांकि लंबे इंतजार के बावजूद वकीलों की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।
नायब तहसीलदार ने किया हस्तक्षेप
बढ़ते टकराव के बाद नायब तहसीलदार बोध सिंह को एसडीएम वे विवाद सुलझाने के आदेश दिए। इसको लेकर नायब तहसीलदार ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया। तब नायब तहसीलदार ने सभी को शिफ्टिंग के आदेश दिए। तब वकीलों ने कहा कि वे तो अपने चैंबर शिफ्ट कर चुके हैं। मगर डीड राइटर्स अभी तक तहसील ऑफिस में डटे हैं। इसी बात को लेकर वकीलों व डीड राइटर्स के बीच जमकर तकरार हुई। इसी वजह से समस्या का समाधान नहीं हुआ। वकीलों ने एक बार फिर गृहमंत्री अनिल विज से मुलाकात करने का निर्णय लिया है।
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