कैंट की तमाम छोटी-बड़ी नाले-नालियां अब कवर की जाएंगी। नाले-नालियों की जगह पानी निकासी के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन डाली जाएगी। योजना पर नगर परिषद ने कसरत शुरू कर दी है। अर्बन लोकल बॉडी (यूएलबी) से आए अफसर भी शनिवार को सदर जोन का दौरा कर चुके हैं। जांच के बाद अफसरों ने नप की इंजीनियरिंग ब्रांच को योजना का प्रपोजल बनाकर मुख्यालय भेजने के आदेश दिए हैं। इसके बाद ही फाइनल ड्राइंग तैयार की जाएगी। शहरी निकाय मंत्री अनिल विज के गृहक्षेत्र को देखते हुए यूएलबी भी अपने स्तर पर इस योजना को बेहतर बनाने के लिए काम करेगा। योजना फाइनल करने और ड्राईंग तैयार होने के बाद इसे मंत्री के समक्ष रखा जाएगा। फिर मंजूरी के बाद ही इसका बजट प्रदेश सरकार की ओर से अलॉट किया जाएगा। नप अधिकारियों की मानें तो इस योजना से लोगों को फायदा होगा। सड़कों के किनारे गिराई जाने वाली गंदगी नाले-नालियां में नहीं जाएगी। ब्लॉक होने की समस्या का भी समाधान हो जाएगा। अभी सदर जोन में 80 छोटे-बड़े नाले नालियों के जरिए पानी की निकासी हो रही है।
लेवल न होने के कारण सड़ता है पानी
अभी यहां पर नाले-नालियों का कोई भी लेवल नहीं है इसीलिए पानी नालियों में ही सड़ता रहता है। कीचड़ और गंदगी से जनता बेहाल है। सफाई कर्मी भी नालियों से गंदगी निकाल कर सड़कों की सुंदरता को बिगाड़ देते हैं।
यमुनानगर की लगानी पड़ेगी दौड़
नगर परिषद की इंजीनियरिंग ब्रांच को इस प्रोजेक्ट की प्रपोजल तैयार करने के लिए अंबाला से यमुनानगर नगर निगम कार्यालय की दौड़ लगानी पड़ेगी। क्योंकि यमुनानगर और जगाधरी में निगम की ओर से काफी कॉलोनियों में नाले-नालियों को अंडरग्राउंड करने का काम पूरा हो चुका है और जनता को अंडरग्राउंड होने से एक साथ कई फायदे भी हो रहे हैं। इस योजना को यूएलबी अब अंबाला में भी अमलीजामा पहनाने की तैयारी में है।
सड़कों की चौड़ाई में होगा इजाफा
योजना के मुताबिक सदर जोन में अभी करीब 80 छोटे नाले हैं और 6 मुख्य बड़े नाले हैं। बड़े नालों से जुड़े इन छोटे-नाले और नालियों को पाइप लाइन डालकर कवर किया जाएगा। हर घर के सामने बरसाती पानी की निकासी के लिए जालीनुमा एक स्लैब डाली जाएगी। इसके अलावा घर के पानी को नाले से सीधे अटैच किया जाएगा। सड़कों के कवर होने से दोनों तरफ चौड़ाई बढ़ेगी।
बिल्डिंग को होगा फायदा
वर्तमान में छावनी के सदर एरिया की हालात काफी खराब है। यहां पर नई बिल्डिंग को तैयार करना इतना आसान नहीं होता। तीन फुट की खुदाई पर नालियों का जमीन की ऊपरी सतह में रिसा हुआ पानी निकल आता है। यह पानी बिल्डिंग निर्माण में न सिर्फ बाधा उत्पन्न करता है बल्कि बिल्डिंग धंसने की भी बड़ी वजह बन रहा है। लेकिन प्लास्टिक के पाइप से पानी का जमीन में बिल्कुल भी रिसाव नहीं होगा। नाली का लेवल सही होगा तो पानी निकासी की समस्या छावनी की जनता के लिए हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
-यूएलबी से टीम ने दो दिन तक सिटी और कैंट के सदर जोन को फिजिकल रूप से चेक किया है। यहां क्या-क्या व्यवस्था है और किस तरह से सिस्टम चल रहा है। अब जिन योजनाओं पर सहमति बनी है उनकी प्रपोजल और डीपीआर तैयार होगी।
-विनोद नेहरा, ईओ, नगर परिषद छावनी।