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नपा में प्रशासक राज बरकरार, दस करोड़ की विकास योजनाएं भी लटकी

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अंबाला सदर जोन तीन महीने पहले नगर निगम से नगर परिषद बना था। लेकिन अभी तक यहां प्रशासक का ही राज है। इसके चलते स्ट्रीट लाइट, नक्शे, सीएम अनाउंसमेंट और अमरुत जैसी योजनाओं के कार्य लटक गए हैं। वहीं अफसर पॉवर के लिए तो जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। छोटी सरकार के चुनाव का कब बिगुल बजेगा यह अभी तय नहीं है। इसी वजह से अभी तक नप में प्रशासक राज बरकरार है।
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11 सितंबर 2019 को प्रदेश सरकार ने सदर जोन में नगर निगम की व्यवस्था भंग कर दी थी। इसके बाद यहां नगर परिषद के गठन का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। बाद में उसकी सीमा भी तय हो गई। दरअसल कैंट के लोगों को अपने छोटे-छोटे कार्य करवाने के लिए अंबाला सिटी जाना पड़ता था। इसी के चलते कैंट में नपा गठित की गई। तब एसडीएम कैंट को इसका प्रशासक लगा दिया गया था। तब से यहां प्रशासक राज ही चल रहा है। जब तक नपा चुनाव नहीं होंगे तब तक यहां प्रशासक राज रहेगा।
दो करोड़ का टेंडर, एक स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी
छावनी में पुरानी एलईडी लाईटों की जगह नई एलईडी लगाने का दो करोड़ का टेंडर अलॉट तो हो गया है लेकिन काम शुरू न हो पाया है। नप रिकॉर्ड के मुताबिक करीब दो करोड़ की पेमेंट परिषद को ठेकेदार को करनी है और नया टेंडर भी पुराने ठेकेदार को अलॉट हुआ है। ऐसे में पेमेंट का पेंच फंसने से एक स्ट्रीट लाईटें लगाने का काम अधर में लटका है। यह टेंडर चुनाव आचार संहिता से पहले अलॉट कर दिया गया था। यहां करीब 15 हजार स्ट्रीट लाइट प्वॉइंट है जिनको बदला जाना है।
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नक्शे पास न होने से भवन निर्माण अधर में
नगर परिषद के गठन के बाद नए सिरे से नक्शे पास होंगे। ऐसे में परिषद कार्यालय में नक्शे पास न होने से भवन मालिक परेशान हैं क्योंकि निर्माण कार्य में देरी हो रही। लोगों द्वारा जमा कराई गई फाइलें परिषद कार्यालय में ही धूल फांक रही है लेकिन उस पर कोई निर्णय ही नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में अवैध निर्माण का सिलसिला छावनी के सदर एरिया में बढ़ता जा रहा है। जिसकी कुछ शिकायतें भी परिषद कार्यालय में पहुंच चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
8 करोड़ की योजनाएं लटकी
सीएम अनाउंसमेंट और अमरूत प्रोजेक्ट के तहत छावनी में करीब एक दर्जन विकास कार्य चल रहे हैं। करीब 8 करोड़ की ये योजनाएं भुगतान न होने के कारण लटकी हैं। बताया जा रहा है कि सीएम अनाउंसमेंट और सिविल वर्क को मिलाकर कई बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है। कुछ विकास कार्यों का भुगतान तो हो चुका है बाकी पेंडिंग हैं।
वेबसाइट भी नहीं तैयार
बीते तीन माह में नेशनल इंफारमेशन सेंटर (एनआईसी) की मदद से नगर परिषद के अधिकारी वेबसाइट भी तैयार नहीं कर पाए हैं। इसीलिए नगर निगम अंबाला की वेबसाइट ही गूगल पर खुल रही है।
-जो सिविल वर्क थे उनकी पेमेंट तो हमारे यहां से हो रही है। शहरी एवं स्थानीय निदेशालय के स्तर पर अमरुत और सीएम अनाउंसमेंट की करोड़ों रुपये की पेमेंट अभी बकाया है। बाकी सरकार के स्तर पर लिया जाने वाला फैसला है। जल्द ही परिषद का सैटअप तैयार होकर कामकाज शुरू हो जाएगा।
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- राजेश कुमार, सचिव, नगर परिषद, अंबाला कैंट
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