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Ambala News: सीसीआई से भागे बच्चे 54 दिन बाद भी लापता

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माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला। नारायणगढ़ के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन (सीसीआई) राधा कृष्ण बाल आश्रम से फरवरी में भागे तीन बच्चों का 54 दिन बाद भी अभी तक पुलिस को सुराग नहीं लगा है। यह मामला एंटी ह्यूमन ट्रैफ्किंग यूनिट टीम देख रहा है। वहीं हाल ही में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एससीपीसीआर) की अध्यक्ष प्रवीन जोशी के निर्देश पर दो सदस्यीय टीम भी अंबाला पहुंची थी।
टीम की ओर से राधा कृष्ण बाल आश्रम पर भी निरीक्षण किया गया। इसको लेकर सदस्यों ने एक रिपोर्ट तैयार की है जो एससीपीसीआर को भेजी जाएगी। वहीं देशभर के सभी थानों में नोटिस भिजवाया गया है, जिसमें फोटो के साथ बच्चों की जानकारी दी गई है और लिखा है कि जहां भी यह बच्चे दिखें तत्काल नारायणगढ़ पुलिस से संपर्क किया जाए। मामले में अब एससीपीजीआर डीजीपी को पत्र लिखेगा ताकि पुलिस कार्यवाही में तेजी लाई जा सके।
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उल्लेखनीय है कि नारायणगढ़ स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के राधा कृष्ण बाल आश्रम से फरवरी में तीन बच्चे आश्रम से भाग गए थे। इस मामले में 24 फरवरी को नारायणगढ़ थाने में भी गुमशुदा बच्चों को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बताया जाता है कि बच्चे आश्रम में पतंग उड़ा रहे थे तभी वहां से कहीं चले गए। आश्रम के अधीक्षक राजिंद्र सिंह रावत बताते हैं कि इन तीन बच्चों में से एक बच्चा सहारनपुर का रहने वाला है। वह पहले भी एक बार आश्रम से भाग गया था।
सर्दी के समय उसे आरपीएफ जवानों ने ट्रेन से पकड़ लिया। जिसे सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया था वहां से उसे आश्रम भेज दिया गया। तब भी सीडब्ल्यूसी पदाधिकारियों से कहा गया था कि उस बच्चे को सहारनपुर सीडब्ल्यूसी के पास भेजा जाए। मगर बच्चे को नारायणगढ़ स्थित आश्रम में ही भेज दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि वह बच्चा अपने साथ दो अन्य बच्चों को लेकर भी चला गया। इस आश्रम की क्षमता 25 बच्चों को रखने की है।

बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की चेयरपर्सन रंजीता बताती हैं कि बच्चों के भागने की घटना सामने आने पर आयोग ने सबसे पहले आश्रम के स्टॉफ को सचेत किया है। उन्हं कहा है कि बच्चों को पहले तो कहीं बाहर बिना आवश्यक कारण के न ले जाएं। अगर बच्चे बाहर हैं तो एक दो स्टॉफ के सदस्य उनके साथ जरूर रहने चाहिए। इसके साथ ही जेजे एक्ट के अनुसार एफआईआर दर्ज कराने के बाद सभी थानों को नोटिस भी कराया गया है ताकि बच्चों की तलाश हो सके।
बच्चों के पालन में यह आ रही परेशानियां
सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन बताती हैं कि जिन बच्चों को रेस्क्यू किया जाता है उन्हें सीसीआई में भेजा जाता है। यहां अमूमन स्टॉफ काफी लगाव के साथ बच्चों को रखता है। इन बच्चों के रहन सहन के साथ स्कूल में दाखिला भी कराया जाता है। मगर देखने में आया है कि यह बच्चे स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के सामंजस्य नहीं बैठा पाते हैं। किसी के ताने भी उनके मन पर गहरी छाप छोड़ते हैं। इस कारण से सेंटर से भागने जैसी घटनाएं होती हैं। हमने स्टॉफ को निर्देश दिए हैं कि वह बच्चों के साथ तालमेल बैठाने का काम करें।
हमने इस मामले में एक टीम अंबाला भेजी थी। उनकी रिपोर्ट लेनी है। जल्द ही इस मामले में उचित कदम उठाए जाएंगे। - प्रवीन जोशी, अध्यक्ष, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, हरियाणा
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इन तीन बच्चों में से एक बच्चा पहले भी गायब हो गया था, बाद में लौट आया था। बच्चों को जल्द से जल्द खोजा जाए इसके लिए आयोग के माध्यम से डीजी पुलिस को पत्र लिखा जाएगा। - अनिल लाठर, सदस्य, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग।
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