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नाबालिग से दुष्कर्म मामले में शिकायत बदलने और लापरवाही मामले में महिला थाना प्रभारी सस्पेंड

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नारायणगढ़। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की शिकायत बदलने और फर्जी हस्ताक्षर कर दूसरी शिकायत पर अपराध कम दिखाकर आरोपी को बचाने के मामले में एसपी ने नारायणगढ़ महिला थाना प्रभारी सतविंद्र कौर को सस्पेंड कर दिया है। पीड़िता के द्वारा इस मामले में गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, मानवाधिकार और महिला आयोग तक को शिकायत की गई तब जाकर एसपी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एसएचओ को सस्पेंड करने के आदेश दिए।
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जानकारी के अनुसार नारायणगढ़ में रहने वाली 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा की हुसैनी गांव के नवनीत से दोस्ती हो गई। आरोपी ने छात्रा के साथ दो साल से अवैध संबंध बनाता रहा। अब छात्रा गर्भवती हुई तो आरोपी ने उसका गर्भपात करवा दिया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इस पर पीड़िता ने सारी बात अपने परिजनों को बताई और कस्बे के समाजसेवी अजय वालिया पीड़िता की शिकायत लेकर 26 जून को महिला थाने में पहुंचे और केस दर्ज करवाने की गुहार लगाई। साथ ही इस मामले की मेल भी महिला थाना पुलिस को कर दी। इसी दिन रात को 1:30 बजे अजय वालिया के पास महिला थाना प्रभारी ने फोन कर आरोपी को उठाने की बात भी कही। लेकिन जब गांव में पहुंचे तब तक आरोपी को पहले ही किसी ने सूचना दे दी थी। आरोप है कि 27 की शाम छह बजे तक पीड़िता को कई बार केस वापस लेने के लिए धमकाया भी गया लेकिन पीड़िता नहीं मानी। पुलिस ने इस मामले को टालने का प्रयास भी किया क्योंकि पीड़िता कुछ ही दिनों में बालिग होने वाली थी। उसे कहा गया कि आरोपी के साथ शादी करवा दी जाएगी लेकिन पीड़िता किसी झांसे में नहीं आई। 27 जून को शाम छह बजे केस दर्ज हो गया। चूंकि लड़की का गर्भपात करवाया गया था इसीलिए अल्ट्रासाउंड के लिए शहर नागरिक अस्पताल भेजा गया लेकिन वहां भी पुलिस ने लड़की का अल्ट्रासाउंड नहीं करवाया बिना मेडिकल के उसे वापस ले आए।
पुलिस ने इस तरह किया खेल
महिला थाना पुलिस ने इस पूरे मामले में केस को ढीला करने के लिए शिकायत ही बदल डाली। शिकायतकर्ता अजय वालिया ने जब एफआईआर की कापी मांगी तो उसमें हल्की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। जब इस बारे में महिला थाना प्रभारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लड़की ने जो शिकायत दी थी उसके अनुसार ही कार्रवाई की गई है। इस पर जब लड़की की शिकायत की कापी ली गई तो वह एक पेज की शिकायत दी जबकि लड़की ने दो पेज की शिकायत दी थी। फर्जी शिकायत में केवल यह लिखा गया था कि आरोपी नवनीत मेरा पीछा करता है। दुष्कर्म और गर्भपात का मामला ही शिकायत से हटा दिया गया था।
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पीड़िता का 8 जुलाई को हुआ मेडिकल
इस मामले में अजय वालिया ने पीड़िता का मेडिकल करवाए जाने को लेकर कोर्ट में याचिका डाली। इसके बाद कोर्ट के आदेशों पर डॉक्टरों का पैनल गठित किया गया। इसी पैनल की अगुवाई में 8 जुलाई को पीड़िता का मेडिकल हुआ।
हमारे पास एसएचओ सतविंद्र कौर की सारी रिकॉर्डिंग हैं। पूरी तरह से केस बदल दिया गया। आरोपी को पहले ही सूचना दी गई इसीलिए वह आज तक फरार है। पीड़िता की शिकायत और हस्ताक्षर तक नकली कर दिए गए।
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-अजय वालिया, समाजसेवी।
पोक्सो के एक केस में लापरवाही बरतने के मामले में महिला थाना प्रभारी नारायणगढ़ को सस्पेंड कर दिया गया है। अभी इस मामले की जांच जारी है।
-हामिद अख्तर, एसपी अंबाला
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