शांत मूर्ति, सेवा शिरोमणि जैन संत आलोक मुनि के 50वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में रविवार को स्वर्णिम महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डुलियाना के पास निजी पैलेस में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ धनौरा निवासी प्रदीप जैन ने ध्वजारोहण कर किया। जैन संत अमन मुनि ने बताया कि जैन संत आलोक मुनि का सारा जीवन संतों की सेवा में ही गुजरा है। आलोक मुनि सरल व शांत स्वभाव के संत हैं, तभी उन्हें शांत मूर्ति सेवा शिरोमणि की उपाधि से नवाजा गया है।
अमन मुनि ने बताया इस तरह के संतों का जन्मदिवस मनाना सार्थक होता है। सभी को उनके दिखाए गए मार्ग पर चल कर अपना जीवन सफल बनाना चाहिए। जैन संत अमन मुनि ने कहा कि धन्य हैं वे लोग जो गुरु के संपर्क में रहते हैं और उनके सानिध्य में जीवन में कुछ ज्ञान और शिक्षा ग्रहण करते हैं। कार्यक्रम में जैन संत अचल मुनि, जैन संत रमेश मुनि, जैन संत आलोक मुनि, जैन संत भरत मुनि, जैन संत मुकेश मुनि, मुदित मुनि, अमन मुनि, दर्पण मुनि, जैन साध्वी मधुरता, साध्वी ममता, साध्वी मानवी व साध्वी महक व सनातन धर्म के संत महंत भूपिंदर गिरी आदि सह संघ मौजूद रहे।
कार्यक्रम में गायक अंकुर जैन, जैन कवि हिमांशु अग्रवाल, नवकार म्यूजिकल ग्रुप व छोटू राजस्थानी ने अपनी कला से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं योग चैंपियन मुस्कान चौहान ने अपनी प्रस्तुति से सभी को आश्चर्यचकित किया। कार्यक्रम में 50 लक्की ड्रॉ निकाले गए। इनमें पांच सोने के सिक्के शामिल रहे। इस अवसर पर एसएस जैन सभा के प्रधान रोहित जैन, कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, प्रबंधक सुभाष जैन, अमित जैन, निखिल जैन, प्रवीन खटगड़, अश्वनी नरवाल, सतीश सैनी, देवेंद्र बेनीवाल आदि मौजूद रहे।
मुलाना में आयोजित स्वर्णिम महोत्सव के दौरान मौजूद श्रद्धालु।- फोटो : Ambala