कर्मभूमि एक्सप्रेस से संरक्षण में लिए गए 27 बच्चों की काउंसलिंग रिपोर्ट के आधार पर लुधियाना की तीन कंपनियों के खिलाफ अब जीआरपी थाने में एफआईआर दर्ज होगी। इस संबंध में सीडब्लयूूसी की ओर से जीआरपी को शिकायत भेजी गई है, जिसमें बताया गया है कि संबधित फैक्टरियों में पहले भी बच्चे काम करते थे और दोबारा से वहां काम के लिए जा रहे थे।
लगभग पांच दिन की कड़ी मशक्कत और काउंसलिंग के बाद बच्चों ने जो जानकारी दी है वो चौंकाने वाली है। 19 पेज की काउंसलिंग रिपोर्ट में बच्चों ने जानकारी दी है कि फैक्टरी में काम के लिए वह जा रहे थे और उनके पिता को अज्ञात व्यक्ति ने प्रतिमाह 12 हजार रुपये देने का लालच दिया था। कुछ बच्चों ने बताया था कि वह पहले भी 3 फैक्ट्रियों में काम कर रहे थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान घर चले गए और अब वापस काम पर लौट रहे हैं। सभी मुद्दों व तथ्यों को सामने रखते हुए सीडब्लयूूसी ने कंपनियों सहित अज्ञात मानव तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। दरअसल 29 जुलाई को पंचकूला की बचपन बचाओ संस्था को ईमेल मिली थी। इसमें न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर जा रही ट्रेन नंबर 02407 में नाबालिग बच्चों की तस्करी की सूचना थी जो कि ट्रेन के अलग-अलग 7 कोच में बैठकर सफर कर रहे थे। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए आरपीएफ, जीआरपी, चाइल्ड लाइन टीम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम सहित सीडब्ल्यूसी की टीम भी शामिल थी। ट्रेन के छावनी स्टेशन के प्लेटफार्म 7 पर पहुंचने के बाद लगभग 80 कर्मचारियों ने रेस्क्यू आपरेशन में सहभागिता कर 50 बच्चों को संरक्षण में लिया था और इस दौरान 27 बच्चों ने काउंसलिंग के तहत मानव तस्करी के तहत फैक्टरी में काम करने की जानकारी दी थी।
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काउंसलिंग रिपोर्ट का इंतजार
सीडब्ल्यूसी की तरफ से एफआईआर दर्ज करने के संबंध में पत्र मिला है, उनसे बच्चों की काउंसलिंग रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही एफआईआर दर्ज कर दी जाएगी।
- विलायती राम, प्रभारी जीआरपी थाना।
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मानव तस्करी से जुड़ा मामला
मामला मानव तस्करी से जुड़ा है। बच्चों की काउंसलिंग के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं वो किसी बड़े गिरोह की तरफ इशारा करते हैं। जीआरपी को मामला दर्ज करने के लिए मंगलवार को लिखित में आदेश दिए गए हैं।
- रंजीता, चेयरपर्सन सीडब्ल्यूसी, अंबाला