बराड़ा। बराड़ा के गगनपुर गांव में आरटीआई एक्टिविस्ट ने महिला सरपंच, उसके पति व ग्राम सचिव कानून पर थाना बराड़ा में धोखाधड़ी व विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया। आरटीआई एक्टिविस्ट और गांव के पूर्व पंच राजू ने बताया कि उसका एक केस राज्य सूचना आयोग में चल रहा है। इस केस में उसने आरटीआई के तहत सरपंच से कुछ सूचनाएं मांगी थी। जिसमें उसने अपने गांव की पंचायत का पूरा रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन सरपंच ने कोई जवाब नहीं दिया।
पूर्व पंच ने आरोप लगाए कि उसके गांव में पंचायत ने लाखों-करोड़ों रुपये का गबन किया है। पंचायत को सरकार से जो ग्रांट मिली उन्होंने उनका गबन किया। उसने वर्ष 2017 में महिला सरपंच व उसके पति सुशील कुमार के खिलाफ बीडीपीओ बराड़ा को गांव के जोहड़ की मिट्टी चोरी करने की शिकायत दी थी। वर्ष 2019 में सरपंच व उसके पति ने गांव की पंचायती जमीन से लगभग 20 से 25 एकड़ में लगे सफेद के पेड़ों को भी 51.51 लाख रुपये में बेच दिया था।
गांव की महिला , उसके पति सुशील कुमार व बीडीपीओ कार्यालय बराड़ा के ग्राम सचिव मनजीत सिंह ने मिलीभगत कर उसके फर्जी साइन और बयान लिखकर 20 जुलाई 2020 को राज्य सूचना आयोग को भेज दिए। इसका खुलासा अगली सुनवाई में हुआ। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
राज्य सूचना आयोग द्वारा आई शिकायत 262- एमआइएससी भी मिलीभगत करके बंद कर दी गई, जबकि उस दौरान वह न तो सरपंच से मिला, न ग्राम सचिव से और न ही बीडीपीओ ऑफिस के क्लर्क राकेश कुमार से। आरोपियों ने मिलीभगत करके फर्जी साइन और बयान दर्ज करके बंद कर दी। शिकायतकर्ता ने आईपीएस अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में मेरे ऊपर कोई हमला व जान मारने की कोशिश होती है तो उसके जिम्मेदार ये आरोपी होंगे।