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अंबाला एसआईटी के शिकंजे में लोगों को ठगने वाला कैंडी बाबा, पांच दिन का रिमांड

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candy baba - फोटो : Ambala
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शरीफगढ़ के बदमाश राजेश उर्फ कैंडी बाबा पर अंबाला एसआईटी ने शिकंजा कस दिया है। उसे सोमवार को कोर्ट में पेश कर 28 जून तक के रिमांड पर लिया गया है। अब इसी रिमांड के दौरान अंबाला की टीम चमत्कारी बाबा के हैरतअंगेज चमत्कारों का खुलासा करेगी। हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में ठग राजेश ने एसआईटी को यही बताया है कि वह ज्वेलर से 30 लाख रुपये प्रति किलो सोना लेता था। इस सोने को वह 22 लाख रुपये में उसके पास आने वाले लोगों को देकर उन्हें विश्वास में ले लेता था। रातोंरात अमीर बनने के लालच में लोग उसे करोड़ों रुपये दे जाते। इसके बाद न तो उन्हें सोना मिलता न बाबा। इस तरह एक से दो और दो से 100 से अधिक लोग बाबा की ठगी का शिकार होते चले गए। अंबाला में ठग पर दो मामले दर्ज हैं। हालांकि उसने यहां सैकड़ों लोगों से ठगी की।
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सोना बेचने के लालच में बन गए थे ज्वेलर दोस्त
ठग ने पूछताछ के दौरान यह भी बताया है कि अंबाला के जो ज्वेलर उसके संपर्क में थे वह उनसे सोना लेता था। उन्हें सोना बेचने का लालच था। इसीलिए वह उसके खास बन गए थे। अंबाला शहर और छावनी के कई ज्वेलर बाबा के संपर्क में थे। हालांकि कई को उसने ठगा भी था।
बलदेव नगर से जुड़े हैं कैंडी बाबा के तार
बलदेव नगर में भाजपा पदाधिकारी के घर के ठग लंबे समय तक किराये पर रहा। यहां राजेश ने पूरा मकान किराये पर लिया हुआ था। इसी अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे अंदर और बाहर भी लगाए गए थे। इतना ही नहीं ठगी का केस दर्ज होने के दौरान भी बाबा के पास यह मकान किराये पर रहा। इस घर में वीआईपी लोगों का आना जाना भी लगा रहा था। अब एसआईटी ठग को लेकर इस घर में भी दस्तक दे सकती है। बता दें कि इसी घर में कैंडी करीब 8 साल रहा। यहां पर बाबा की सुरक्षा में गार्ड भी रहते थे और वह फार्चूनर से कम गाड़ी में बैठता भी नहीं था।
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खाने के लिए भी नहीं बचे थे बाबा के पास पैसे
आलीशान मकानों और डेरा वड़भाग सिंह के मालिक की अब हालात यह हो गई थी कि उसके पास खाने के लिए भी पैसे नहीं बचे थे। कभी इसी ठग के इशारों पर डेरा वड़भाग सिंह में घड़ियों की सुई भी रुक जाती है। बता दें कि यह घड़ियां सेंसर वाली थी। इसीलिए बाबा जैसे ही उन्हें रुकने का इशारा करता घड़िया थम जाती और लोग ठग के झांसे में आ जाते।
पानीपत का रहने वाला है कैंडी, अंबाला में साकार हुए सपने
ठग कैंडी मूलत: पानीपत के मनाना, समालखा का रहने वाला है। 10वीं पास करने के बाद वह केबल का काम सीखने दिल्ली चला गया था। यहां पर एक घर में केबल ठीक करने गया तो वहां कीर्तन देखा। उसमें मन रम गया और रोजाना कीर्तन में जाने लगा। कीर्तन करने वाले को अपना गुरू मान लिया और उसकी बेटी से प्रेम विवाह कर वहां से अंबाला पहुंचा था। 1996 से वह 2018 तक अंबाला में रहा। यहां पर अंबाला शहर के सेक्टर-9, छावनी के सुंदर नगर, तोपखाना में पूर्व एसमसी के घर भी रहा। 2002 में कैंडी ने अंबाला शहर के बलदेव नगर में डेरा वड़भाग सिंह की नींव रखी थी।
दृष्टिहीन था कैंडी का गुरू
कैंडी बाबा का गुरू जिसकी बेटी से बाद में कैंडी ने प्रेम विवाह किया वह दृष्टिहीन था। लेकिन कीर्तन के साथ-साथ वह चमत्कार भी दिखाते थे। उनके पास से ही कैंडी ने तंत्र-मंत्र सीखा था। उनके दृष्टिहीन होने का फायदा उठाकर ही उनकी बेटी से प्रेम विवाह किया। यही तंत्र-मंत्र और कीर्तन आगे ठग के लिए हितकारी साबित हुए।
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अभी 28 तक कैंडी बाबा को रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान रिकवरी के प्रयास किए जाएंगे। इसके बाद ही सारी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
-इंस्पेक्टर कंवलजीत, इंचार्ज एसआईटी अंबाला।
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