- जल्दबाजी में बस पकड़ने के प्रयास में यात्री गिरकर हो चुके चोटिल
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन के गेट नंबर दो तक का मुख्य मार्ग डेंजर जोन बन गया है। यहां रोडवेज चालकों की मनमानी चल रही है। सरकारी और निजी बसों के चालक बस अड्डे के बाहर ओवरब्रिज के नीचे बसें रोक देते हैं। ऐसा ही रेलवे स्टेशन के समीप किया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि बस चालकों को यहां से सवारियां बैठानी होती है। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो रही है बल्कि यात्रियों की जान भी जोखिम में है। जल्दबाजी में बस पकड़ने के चक्कर में कई यात्री गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
बस स्टैंड से निकलने के बाद बस को निर्धारित स्टॉपेज पर ही रुकना चाहिए लेकिन यहां मंजर कुछ और ही है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली और सीटीयू की बसों के चालक अड्डे से बाहर निकलते ही गेट खोल देते हैं। जैसे ही बस ओवरब्रिज के नीचे पहुंचती है, चालक अचानक ब्रेक लगा देते हैं। यहां पहले से खड़े यात्रियों की भीड़ चलती बस में चढ़ने की होड़ मचा देती है। इसके बाद यही सिलसिला रेलवे स्टेशन के गेट नंबर दो पर दोहराया जाता है।
होमगार्ड तैनात फिर भी चालक नहीं मानते
रेलवे स्टेशन के गेट पर यातायात सुचारू रखने के लिए दो होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद बस चालक बेखौफ होकर बीच सड़क पर बसें खड़ी कर देते हैं। सुबह से देर रात तक चलने वाले इस खेल के कारण दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को निकलने की जगह नहीं मिलती, जिससे पुल के नीचे लंबा जाम लग जाता है।
नियमित रूप से ऐसी बसों के चालान किए जाते हैं और आगे भी किए जाएंगे।
- सुशील कुमार, सचिव आरटीए, अंबाला
हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस का परिचालक यात्रियों को बस में चढ़ाते हुए। संवाद