अंबाला सिटी। शहर में किसी भी सेक्टर में यदि विकास की चर्चा करें तो लोग आपको समस्याएं बताने लगेंगे। यहां किसी प्लॉट में जंगली घास समस्या है तो कहीं कम्युनिटी सेंटर से सामान ही चोरी हो गया। शहर का हर सेक्टर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से एक सुर में एक ही मांग कर रहा है यह सेक्टर लाखों का बजट नहीं, बल्कि विभागीय देखभाल चाहते हैं।
सेक्टरों में विभागीय देखभाल की ही कमी के कारण हालात बद से बदतर हो गए हैं। अमर उजाला ने जब इन सेक्टरों की पड़ताल की तो हालात उजागर हुए। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब से हुडा के सेक्टर नगर निगम प्रशासन के अधीन हुए हैं, तभी से सेक्टरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टरों का रखरखाव एचएसवीपी प्रशासन के पास है तो सफाई व्यवस्था नगर निगम के पास है। दोनों ही विभागों के फेर में सेक्टरवासी समस्याओं से दोचार हो रहे हैं।
लिखित और मौखिक कर चुके शिकायत
सेक्टर दस एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मानें तो सेक्टर की विभिन्न समस्याओं के लिए कई बार नगर निगम आयुक्त से लिखित और मौखिक रूप से शिकायत या चर्चा कर चुके हैं। समस्याओं पर संज्ञान नहीं लिया, वहीं कुछ समय बाद निगम प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले हो जाते हैं और नए अधिकारी को समस्याओं के बारे जानकारी नहीं होने के कारण फिर से शिकायतों का सिलसिला शुरू किया जाता है।
सेक्टरों में ये हैं मुख्य समस्याएं
सेक्टरवासियों का कहना है कि सेक्टर 1, 7, 8, 9 और 10 में विभिन्न प्रकार की समस्याएं हमेशा रहती हैं। सेक्टरों में बरसाती नालों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जा रही है। इस वजह से हल्की बारिश में ही सेक्टरों में जलभराव की स्थिति बनती है। इसी प्रकार सेक्टरों के कई क्षेत्रों में सीवरेज ब्लाॅक स्थिति में चल रहे हैं। देखभाल के अभाव में पार्कों और कम्युनिटी सेंटरों के हालात बदहाल हो रहे हैं, सेक्टरों के बीच में कई प्लॉट खाली हैं। वहीं, कुछ प्लॉटों को 25 प्रतिशत बनाकर छोड़ दिए हैं, जो जंगल में बदल गए हैं।
कम्युनिटी सेंटर से लाखों का सामान चोरी
सेक्टर एक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अरविंद अग्रवाल ने बताया कि सेक्टर एक का कम्युनिटी सेंटर बीते करीब चार वर्षों से बदहाली के आंसू बहा रहा है। यहां कम्युनिटी सेंटर के सौंदर्यीकरण के लिए लाखों रुपये खर्च किए थे, मगर वर्तमान में कम्युनिटी सेंटर बदहाल हो चुका है। इससे सभी प्रकार के बिजली उपकरण, वॉशरूम में लगाए नल और टूंटियां, पखें, लाइटें, सिलिंग में लगाई फाइबर सीटें, दरवाजे, ग्रिलों सहित सभी प्रकार का सामान चोरी हो चुका है और निगम प्रशासनिक अधिकारी इसकी जिम्मेदारी नहीं ले रहे।
बरसाती नाले बन रहे परेशानी
रजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-7 के प्रधान संदीप सचदेवा ने बताया कि यहां बरसाती नालों से सबसे बड़ी समस्या हैं। जब बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है तो ये खुद समस्या हो जाते हैं। कई वर्षों से बरसाती नालों की सफाई नहीं की गई। इस कारण बरसाती दिनों में सेक्टरों की सभी सड़कों पर पानी नदियों की तर्ज पर बहता है। निगम प्रशासन को इस समस्या के बारे में कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इस समस्या पर काई संज्ञान नहीं लिया, जबकि सेक्टरवासियों के लिए यह बरसाती नाले परेशानी का सबब बन रहे हैं।
अर्से से चल रहीं समस्याएं
सेक्टर 9 वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान वीरेंद्र सिंगला ने बताया कि सेक्टर आठ क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की समस्याएं बीते काफी लंबे से चल रही हैं। सेक्टरों के बीच बनाए गए 25 फीसद रिहायशी भवन स्थानीय लोगों के लिए परेशानी पैदा कर रहे हैं, क्योंकि इन रिहायशी भवनों में वर्तमान स्थिति में जंगल कायम हो चुका है।
बरसाती सीजन में होती मुसीबत
सेक्टर 9 वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान पदुमन सचदेवी ने बताया कि सेक्टर 9 में सबसे बड़ी समस्या उस समय होती है, जब बरसात शुरू होती है। सेक्टर 9 क्षेत्र में सीवरेज और मेन नाले दुरुस्त नहीं होने के कारण कई कई दिनों तक बरसाती पानी से जलभराव की स्थिति स्थानीय लोगों के रिहायशी भवनों के सामने बनी रहती है।
दो साल से सीवर की समस्या
सेक्टर 10 वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान कमल सिंगला ने बताया कि सेक्टर 10 में सीवर की समस्या से स्थानीय लोग बहुत परेशान चल रहे हैं। वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी बीते करीब दो वर्षों से सीवर की समस्या के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों चल रही है, बीते कुछ महीनों पहले नगरनिगम आयुक्त नेहा सिंह से सेक्टर की विभिन्न समस्याओं के बारे में खुलकर चर्चा की गई थी।
वर्जन
सेक्टरों की विभिन्न समस्याओं के लिए किसी प्रकार की कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है फिर भी सेक्टरों की समस्याओं पर जांच करवाई जाएगी। जहां पर खामियां मिलेंगी, उसको तुरंत प्रभाव से दुरुस्त करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
दर्शन सिंह, एसडीएम अंबाला, सीनियर अधिकारी हुडा विभाग, अंबाला।