माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। बाल सुधार गृह में अब बच्चों का जीवन बदल रहा है। वह भले ही किसी अपराध में आए हों मगर अब जीवन जीने के लिए नई राह तलाश रहे हैं। इस कार्य में उनकी छोटी से मदद गुरु की रहमत संस्था भी कर रही है, जिसकी प्रेसीडेंट बिम्पी रेखी बच्चों के जीवन में शिक्षा की लौ से खुशियां ला रही हैं। उन्हें इस कार्य को करते हुए चार साल पूरे होने वाले हैं।
इस दौरान उन्होंने बाल सुधार गृह में आने बच्चों को बाहर निकलकर स्वरोजगार करने और शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने काे प्रेरित किया है। उन्हें इस कार्य के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से पांच अवार्ड मिल चुके हैं। उनके इस कार्य को चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट और प्राधिकरण के सचिव भी सराह चुके हैं। वहीं इसी साल बिम्पी रेखी को अंबाला कैंट में गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जिला स्तर पर सम्मानित होने का मौका भी मिला।
10वीं कक्षा के बच्चों को कर रहीं शिक्षित : बिम्पी रेखी बताती हैं कि वह बाल सुधार गृह में 10वीं कक्षा के 30 बच्चों को पढ़ाती हैं। उनकी प्रेरणा देती हैं कि किस तरह वह अपना जीवन बदल सकते हैं, इसके साथ ही सबसे जरूरी बात कि जब वह बाहर जाएंगे तो दुनिया से कैसे कदम मिलाएंगे इस पर काफी जानकारी देती हैं। पूर्व में वह दीपावली पर बच्चों को लड़ियां, चॉकलेट, केक आदि भी बनाना सिखा चुकी हैं। यह उत्पाद बच्चों ने बिक्री के लिए भी लगाए थे। उन्होंने बताया कि चिंता की बात यह है कि अब बाल सुधार गृह में ऐसे बच्चे आ रहे हैं जो पहले से ही पढ़ाई लिखाई कर रहे थे।