छावनी के हाथीखाना प्राचीन श्री कैलाश शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर भक्तों ने किया जलाभिषेक
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के हाथीखाना प्राचीन श्री कैलाश शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर भक्तों ने जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं देर शाम मंदिर में आयोजित बाबा का भव्य श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने शिव-शक्ति के मिलन के इस पर्व को उल्लास के साथ मनाया।
शाम होते ही मंदिर का वातावरण बदल गया। महंत श्री श्री 108 मनमोहन दास महाराज के सानिध्य में शिवलिंग का चांदी के स्वरूप से अद्भुत और भव्य श्रृंगार किया गया। चांदी की आभा में लिपटे बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस अलौकिक दृश्य को अपने कैमरों में कैद करने और दर्शन कर आशीर्वाद लेने के लिए भक्त व्याकुल नजर आए।
नंदी पर सवार हुए दूल्हा बने भोले बाबा
महाशिवरात्रि को शिव-विवाह के उत्सव के रूप में मनाते हुए मंदिर परिसर में विशेष झांकी सजाई गई। यहां भोले बाबा और नंदी महाराज को दूल्हा बनाया गया। दूल्हा बने भोले बाबा को उनके वाहन नंदी महाराज पर विराजमान कराया गया। इसके बाद बाबा की भव्य आरती उतारी गई। भक्तों ने दूल्हा बने महादेव के सामने माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया।
रातभर चली चार पहर की विशेष पूजा
भक्ति का यह सिलसिला आरती के बाद भी थमा नहीं। रात नौ बजे के बाद मंदिर में चार पहर की विशेष पूजा शुरू हुई। शास्त्रों के अनुसार, शिवरात्रि की रात के चारों प्रहरों में की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है। यह विशेष अनुष्ठान पूरी रात चलता रहा और सोमवार सुबह समापन हुआ।
अंबाला छावनी के हाथीखाना मंदिर में शिवलिंग का चांदी के स्वरूप से अद्भुत और भव्य श्रृंगार। संवाद