अंबाला। एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर रोडवेज ने नया तरीका निकाला है। रोडवेज मुख्यालय अब एनसीआर में आने वाले जिलों से बीएस 3 मानकों की बसों को दूसरे जिलों में भेज रहा है। वहीं बीएस 6 बसों को एनसीआर के नजदीकी जिलों में भेजा जा रहा है। अंबाला रोडवेज के साथ भी ऐसा ही हुआ। यहां जब भिवानी जिला की 10 बीएस 3 इंजन की बसें पहुंची तो स्थानीय रोडवेज कर्मियों व यूनियन के नेताओं ने विरोध कर दिया। इस दौरान उन्होंने अंबाला सिटी में रोडवेज वर्कशॉप के गेट को ढाई घंटे तक बंद रखा। इस समय कोई भी बस अंदर और बाहर नहीं जा सकीं। रोडवेज महाप्रबंधक के आश्वासन के बाद रोडवेज कर्मचारी पीछे हट गए।
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कंडम बसें भेजने पर भी आपत्ति
विरोध कर रहे रोडवेज कर्मियों व यूनियन नेताओं ने बताया कि भिवानी से जो बसें आई हैं वह पहले तो कंडम स्थिति में हैं। वहीं अंबाला से 10 नई बसों को भिवानी भेजा जा रहा है। अंबाला के पास पहले ही कम बसें हैं ऐसे में यह बसें भी चली गईं तो काफी दिक्कत होगी। वहीं पुरानी बसों से प्रदूषण भी बढ़ेगा। इसी के चलते कर्मियों ने शाम को पौने चार बजे से लेकर साढे़ छह बजे, ढाई घंटे तक रोडवेज वर्कशाप का गेट बंद रखा।
सोमवार को किया जाएगा समाधान
एससी यूूनियन के प्रधान प्रवेश कुमार ने बताया कि महाप्रबंधक ने इस मसले पर बात करने के लिए आश्वासन दिया है। इस दौरान इंटक प्रधान बलविंद्र, महासंघ के प्रधान आनंद, सर्व कर्मचारी के संघ के पदाधिकारी, जागृती मंच के उप्रपधान प्रवीण कुमार व अन्य रोडवेज कर्मचारी मौजूद रहे। गेट बंद रहने के बाद महाप्रबंधक अश्वनी डोगरा ने वर्कशाप में फोन पर बात करते हुए आश्वासन दिया कि सोमवार को अंबाला की सभी यूनियन के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद अंबाला से बीएस 6 की 10 बसों को भेजे जाने का बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा। यह सुनकर रोडवेज के कर्मचारियों ने वर्कशाप का गेट खोल दिया।