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Ambala News: रक्षाबंधन से पहले दिल्ली की सवारियों को नहीं मिली बस, भटकते रहे

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अंबाला छावनी बस अड्डे पर लगी यात्रियों की भीड़ और रोडवेज की बस में सवार होते यात्री। संवाद - फोटो : कस्बे के अंदर लगे जाम में फंसी एंबुलेंस। संवाद
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अंबाला। रक्षाबंधन से एक दिन पहले शुक्रवार को रोडवेज के भीड़ प्रबंधन के दावों की हवा निकल गई। दिनभर दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बस का इंतजार करना पड़ा। कई बसों में तो सवारियां भर-भर के गईं वहीं कुछ बसों में लोगों की सीट ही नहीं मिली, क्योंकि चंडीगढ़ से ही बसें फुल आ रही थीं। वहीं दूसरी तरफ परिवहन समितियों की बसों ने महिलाओं व बच्चों को नि:शुल्क यात्रा ही नहीं कराई, जिससे यात्रियों की बस परिचालकों से बहस भी हुई, इसके साथ ही अंबाला डिपो ने रक्षाबंधन के लिए 40 अतिरिक्त बसों को रिजर्व में रखा थ, जिनका प्रयोग भीड़ को देखते हुए दोपहर 12 बजे शाम चार बजे तक किया गया। हालांकि यह बसें यमुनानगर, पंचकूला, कालका, चडीगढ़, कैथल, नरवाना, नारनौल मार्ग पर चलाईं गईं, जिससे इन रूटों पर यात्रियों को कुछ राहत जरूर मिली। इसके अलावा अंबाला छावनी और अंबाला सिटी बस अड्डों पर रोजाना के मुकाबले शुक्रवार को महिलाओं और यात्रियों की संख्या अधिक दिखी।
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सरकार की तरफ से आदेश नहीं
द परिवहन समिति अंबाला के प्रधान रामनाथ राणा ने बताया कि रक्षाबंधन पर नि:शुल्क बस चलाने के लिए हमारे पास सरकार की तरफ से कोई आदेश नहीं आए हैं। अंबाला में परिवहन समिति की करीब 72 बसें है जो 10 मार्गों पर संचालन कर रही हैं। वहीं अन्य रोडवेज की बसों के प्रबंधन के लिए रक्षाबंधन के लिए महिलाओं, बच्चों और यात्रियों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए रोडवेज अधिकारियों ने अंबाला छावनी बस अड्डे पर इंस्पेक्टर, सब इंसपेक्टर, स्टैंड इंचार्ज समेत 25 रोडवेज कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं।




एक घंटे से नहीं आई दिल्ली की बस
बद्दी निवासी महिला उजाला ने बताया कि उन्हें अपने पति और बच्चे के साथ दिल्ली जाना था, लेकिन एक घंटा इंतजार के बाद भी बस नहीं मिली। उन्हें प्राइवेट टैक्सी से दिल्ली जाना पड़ा। दिल्ली के लिए पांच हजार रुपये तक मांगे गए।
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दिल्ली की बसें आ रही भरी हुई
अंबाला छावनी के बोह निवासी सिमरन ने बताया उन्हें दिल्ली जाना था। एक तो यहां बस नहीं आ रही है जिन बसों में दिल्ली का बोर्ड लगा है वह पहले से ही भरी हुई हैं। ऐसे में वह कैसे दिल्ली तक जाएंगी।



नहीं आई रूड़की की बस
अंबाला सिटी निवासी शालू ने बताया कि उन्हें रूड़की जाना था लेकिन डेढ़ घंटा इंतजार पर भी बस नहीं मिली, उनके साथ पति भी काफी देर तक बस का इंतजार करते दिखे।



भाई को राखी बांधने जाना है दिल्ली
संगीता ने बताया कि वह चंडीगढ़ की निवासी हैं। अपने भाई को राखी बांधने के लिए बच्चों के साथ दिल्ली जा रही हैं। चंडीगढ़ से तो वह आसानी से अंबाला छावनी बस अड्डे तक आ गईं लेकिन यहां पर दिल्ली जाना मुश्किल लग रहा है।


शुक्रवार दोपहर 12 बजे से लेकर शाम चार बजे तक रोडवेज की करीब 40 स्पेशल बसों को चलाया गया। यह स्पेशल बसें यमुनानगर, पंचकूला, कालका, चंडीगढ़, कैथल, नरवाना, नारनौल मार्ग पर चलाई गई।
- बहादुर सिंह ढुल्ल। रोडवेज इंस्पेक्टर अंबाला डिपो।

अंबाला छावनी बस अड्डे पर लगी यात्रियों की भीड़ और रोडवेज की बस में सवार होते यात्री। संवाद- फोटो : कस्बे के अंदर लगे जाम में फंसी एंबुलेंस। संवाद

अंबाला छावनी बस अड्डे पर लगी यात्रियों की भीड़ और रोडवेज की बस में सवार होते यात्री। संवाद- फोटो : कस्बे के अंदर लगे जाम में फंसी एंबुलेंस। संवाद

अंबाला छावनी बस अड्डे पर लगी यात्रियों की भीड़ और रोडवेज की बस में सवार होते यात्री। संवाद- फोटो : कस्बे के अंदर लगे जाम में फंसी एंबुलेंस। संवाद

अंबाला छावनी बस अड्डे पर लगी यात्रियों की भीड़ और रोडवेज की बस में सवार होते यात्री। संवाद- फोटो : कस्बे के अंदर लगे जाम में फंसी एंबुलेंस। संवाद

अंबाला छावनी बस अड्डे पर लगी यात्रियों की भीड़ और रोडवेज की बस में सवार होते यात्री। संवाद- फोटो : कस्बे के अंदर लगे जाम में फंसी एंबुलेंस। संवाद

अंबाला छावनी बस अड्डे पर लगी यात्रियों की भीड़ और रोडवेज की बस में सवार होते यात्री। संवाद- फोटो : कस्बे के अंदर लगे जाम में फंसी एंबुलेंस। संवाद

अंबाला छावनी बस अड्डे पर लगी यात्रियों की भीड़ और रोडवेज की बस में सवार होते यात्री। संवाद- फोटो : कस्बे के अंदर लगे जाम में फंसी एंबुलेंस। संवाद

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