शहजादपुर में महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के चित्र
अंबाला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को शहजादपुर में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में कई बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के नाम पर एक विशेष अध्ययन केंद्र और चेयर की स्थापना की जाएगी इसके साथ ही, उन्होंने शहजादपुर के बड़ागढ़ गांव स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय का नाम बदलकर महारानी पद्मावती राजकीय महिला महाविद्यालय करने का भी ऐलान किया।
संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने राजपूत छात्रावास के निर्माण के लिए 31 लाख रुपये और नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि देने की घोषणा की, इसके अलावा, शहजादपुर के कच्चे नाले को पक्का करने की मांग को भी मंजूरी दी गई। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की नवीकृत प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य और स्वाभिमान की अनुपम मिसाल थे। उन्होंने देश और धर्म की रक्षा के लिए जंगलों में घास की रोटियां खाना स्वीकार किया लेकिन मुगलों की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की। उन्होंने कहा कि राजपूत समाज ने हमेशा देश की आन, बान और शान के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है।
मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप की बेजोड़ युद्धनीति और आदर्श आज भी हर भारतीय को प्रेरित करते हैं। समारोह की अध्यक्षता कर रहे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने मुख्यमंत्री को भाला भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा सहित कई वरिष्ठ नेता और काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शहजादपुर में महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के चित्र
शहजादपुर में महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के चित्र