अंबाला। छावनी के बस अड्डे पर ऑटो चालकों की मनमर्जी चल रही है। वह रात्रि के समय बस अड्डे में दाखिल होते हैं और पंजाब की बस का इंतजार कर रही सवारियों को बैठाकर ले जाते हैं। हैरानी की बात है कि जिस ऑटो को शहर में सवारी छोड़नी चाहिए वह नियमों को ताकपर रखकर सवारियों को पंजाब के लालडू, डेराबस्सी, दप्पर, जीरकपुर और राजपुरा तक छोड़कर आ रहे हैं। रात्रि के समय में अंबाला दिल्ली और अंबाला लुधियाना राजमार्ग पर इन ऑटो को आसानी से देखा जा सकता है। सवारियां बैठाने को वह यह तक कह देते हैं कि आगे पंजाब की तरफ जाने वाली कोई बस नहीं मिलेगी। ऐसे हालातों से कभी भी सड़क हादसा हो सकता है। जिसमें लोगों की जान तक जा सकती है। जबकि ऑटो स्थानीय रूटों पर ही चल सकते हैं।
एक होमगार्ड के सहारे छावनी बस अड्डा
छावनी बस अड्डा सबसे व्यस्त ओर मुख्य बस अड्डा है। इस बस अड्डे के आने जाने के चार गेट हैं। जिसमें तीन गेट पर बसों को संचालन लगा रहता है। वहीं रात्रि के समय एक होमगार्ड के जवान बस अड्डे पर तैनात रहता है। जो रात भर बस स्टैंड पर डयूटी देता है। लेकिन बस अड्डे पर करीब तीन से चार होमगार्ड की जरूरत है।
टैक्सी संचालक भी चला रहे मनमर्जी
अंबाला छावनी के बस अड्डे के सामने टैक्सी संचालक भी रात्रि के समय में मनमर्जी चलाते हैं। यात्रियों को ऊने दूने दामों में चंडीगढ़ और पंजाब के पटियाला तक छोड़कर आते हैं। ऐसे में कई बार यात्रियों की किराये को लेकर बस भी हो जाती है। यह सभी काम रेलवे स्टेशन और जीआरपी थाने के पास चलता है, मगर इन पर लगाम लगाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यही कारण है कि मजबूरी में लोग ऑटो में सफर करने निकल पड़ते हैं।
वर्जन
रात के समय बस अड्डे पर एक होमगार्ड के जवान की डयूटी रहती है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी।बिजेंद्र, संस्थान प्रबंधक बस स्टैंड अंबाला छावनी।