अंबाला। अटल कैंसर केयर केंद्र में उपचार कराने आ रहे कैंसर मरीजों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल में पिछले काफी समय से चल रही आवश्यक दवाओं की किल्लत अभी भी पूरी तरह दूर नहीं हो पाई है। हालांकि प्रबंधन की ओर से दवाओं का कुछ स्टॉक आने की बात कही जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि मरीजों को अभी भी कई जीवन रक्षक और जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। दवाओं के अभाव में दूर-दराज से आए कैंसर मरीजों के साथ उनके तीमारदारों को इस भीषण गर्मी में निजी मेडिकल स्टोरों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इन जरूरी दवाओं की चल रही है कमी
कैंसर रोगियों के सहायक इलाज के लिए बेहद जरूरी मानी जाने वाली विटामिन-डी, आयरन और एंटी फंगल दवा यानी फ्लुकोनाजोल की लंबे समय से कमी चल रही है। इसके अलावा सबसे गंभीर स्थिति कैंसर के मुख्य इलाज यानी कीमोथैरेपी से जुड़ी दवाइयों के अलावा कुछ इंजेक्शन डेक्सामेथासोन भी दवा काउंटर से नदारद हैं जबकि काउंटर पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर व अन्य स्टाफ से पूछा जाता है तो वो अपनी डिमांड भेज चुके हैं।
इंजेक्शन डेक्सामेथासोन बाहर से खरीदकर लाया
अंबाला सिटी के मानव चौक निवासी बलवंत कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी को स्तन कैंसर है। कीमोथैरेपी चल रही है। पिछली बार दवा लेने के लिए काउंटर पर गए तो चार दवाइयां ही उपलब्ध नहीं थी। हालांकि बाद में अस्पताल स्टाफ ने वो उपलब्ध करवा दी थी। अब दोबारा दवा लेने गए तो इंजेक्शन डेक्सामेथासोन ही नहीं थी। बाहर दुकान से खरीदकर लाया हूं। एक तरफ तो वे मरीज की गिरती सेहत से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल के चक्कर काटने के बावजूद नि:शुल्क मिलने वाली दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
फ्लुकोनाजोल दवा ही खरीदी
अंबाला कैंट निवासी सीमा आहूजा ने बताया कि कैंसर ओपीडी के दवा काउंटर पर गई तो चार में से तीन ही दवा दी गई। एंटी फंगल दवा यानी फ्लुकोनाजोल ही उपलब्ध नहीं थी। बाहर से यह दवाएं महंगे दामों में मिलती है। पहले ही किराया खर्च कर अस्पताल आते हैं और दो से तीन घंटे बाद भी केवल नामात्र की दवा मिलती है। यह उपलब्ध होनी चाहिए।
दवाओं का कुछ स्टॉक हाल ही में प्राप्त हुआ था, जिससे स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। जो दवाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए उच्चाधिकारियों और संबंधित विभाग को डिमांड भेजी जा चुकी है। दवाओं का अगला बड़ा स्टॉक जल्द ही उपलब्ध हो जाएगा, जिसके बाद मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
-डॉ. यशपाल वर्मा, कार्यवाहक निदेशक, अटल कैंयर केयर केंद्र
बलवंत कुमार, तीमारदार
बलवंत कुमार, तीमारदार