अंबाला। कैंटोनमेंट बोर्ड ने तोपखाना परेड के स्कूल को अपग्रेड कर दिया है ताकि स्थानीय बच्चों को शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में ना जाना पड़े। अब स्कूल में ही 12 वीं तक पढ़ाई होगी। बोर्ड के निर्देश पर स्कूल प्रबंधन ने 11 वीं कक्षा के लिए दाखिला प्रक्रिया को शुरु कर दिया है।
कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन तोपखाना परेड का स्कूल पहले 10 वीं तक हुआ करता था। इस संबंध में पूर्व में भी परिजनों द्वारा कई बार लिखित आग्रह किया गया था कि बच्चों को 10 वीं के बाद दूर-दराज के दूसरे स्कूलों में जाना पड़ता है। इससे उन्हें भी परेशानी होती है। इस परेशानी का समाधान बोर्ड के नए सीईओ ने कर दिया है। अब स्थानीय बच्चों को दूर-दराज के स्कूलों में जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे उनके परिजनों की समस्या का समाधान भी हो जाएगा। इसी कड़ी में आगे बढ़ते ही कैंटोनमेंट बोर्ड ने छात्र संख्या व स्कूल में उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं को देखते हुए स्कूल को पीएम श्री लोगो प्रदान करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है ताकि यह स्कूल भी सरकारी स्कूलों की तरह पीएम श्री स्कूल के नाम से जाना जाए।
एक हजार बच्चे ग्रहण कर रहे शिक्षा
तोपखाना परेड स्थित कैंटोनमेंट बोर्ड का स्कूल काफी पुराना है। इस स्कूल का परिणाम भी शत-प्रतिशत रहता है। यह उपलब्धि बोर्ड प्रबंधन की देख-रेख और निष्ठावान शिक्षकों की मदद से हासिल हो रही है। मौजूदा समय में आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लगभग एक हजार बच्चे स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बच्चों को शिक्षित करने के लिए 40 लोगों का प्रशिक्षित स्टाफ रखा हुआ है। इसमें खेलकूद में बच्चों को माहिर करने के लिए भी कोच की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
निशुल्क शिक्षा
तोपखाना परेड के स्कूल में निशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसके अलावा सरकार के नियमानुसार बच्चों को प्रत्येक सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके तहत मिड-डे-मिल और अन्य कई प्रकार की सुविधाएं शामिल हैं। इसमें सबसे बड़ी सुविधा कंप्यूटर शिक्षा के ज्ञान की है। पहली कक्षा से ही स्कूल में कंप्यूटर की शिक्षा को अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा स्कूल में ही एक बड़ी लाइब्रेरी भी है,यहां बच्चों को सामान्य ज्ञान के अलावा पाठ्यक्रम के अनुसार जरूरी वस्तुएं भी उपलब्ध करवाई जाती हैं।
कैंटोनमेंट बोर्ड के स्कूलों में बच्चों की शिक्षा की तरफ विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्कूल में प्रशिक्षित स्टाफ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा का भी ज्ञान दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार के जो भी नियम हैं, उसके तहत प्रत्येक बच्चे को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
राहुल आनंद शर्मा, सीईओ कैंट बोर्ड, अंबाला।