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Ambala News: लगभग 30 लाख प्रतिमाह खर्च हो रहे फिर भी डोर-टू-डोर नहीं उठ रहा कचरा

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अंबाला। छावनी को स्मार्ट बनाने के दावे कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। करोड़ों के बजट के बावजूद जनता गंदगी से जूझ रही है। नगर परिषद के 32 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ पाई है। आलम यह है कि हर महीने 30 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों के घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा। मजबूरी में लोग 150 से 200 रुपये प्रति माह देकर निजी कर्मचारियों से कूड़ा उठवा रहे हैं। जबकि नगर परिषद के संपत्ति कर में कूड़ा कलेक्शन टैक्स भी जोड़कर लोगों को भेजा जा रहा है।
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हकीकत से दूर दावे
परिषद का दावा है कि शहर में 20 से अधिक गाड़ियां डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए चल रही हैं। पड़ताल में सामने आया कि सड़कों पर 10 गाड़ियां भी नजर नहीं आ रही हैं। जो गाड़ियां चल रही हैं, उनके रूट का कोई ठिकाना नहीं है। वो कब कौन से क्षेत्र में जाती हैं और कब कूड़ा उठाती हैं, इसकी भी मोहल्ले वासियों को जानकारी नहीं है। पिछले दिनों सीआईडी जांच के दौरान भी यह खुलासा हुआ था और मौके पर गाड़ियां कम पाई गई थीं।

110 टन कूड़ा उठान
विभाग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर रोजाना 110 टन कूड़ा नगर परिषद के अधीन 32 वार्डों से हो रहा है जोकि ठेकेदार के कारिंदों द्वारा एकत्रित किया जाता है। इस कूड़े को पटवी प्लांट में निस्तारण के लिए भेजा जाता है। इसमें 52 टन गीला और 58 टन के करीब सूखा कचरा होता है। रोजाना लगभग सवा लाख रुपये कूड़ा एकत्रीकरण के तहत नगर परिषद द्वारा ठेकेदार को दिए जा रहे हैं।
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नहीं सुनाई देती सीटी
मोहल्लों में महीनों से न तो कूड़ा गाड़ी आई है और न ही कर्मचारियों की सीटी सुनाई दी है। हालात ऐसे है कि अब इन गाड़ियों को ढूंढना पड़ रहा है।
लक्की सिंह, गोबिंद नगर।

गंदगी के ढेर से परेशानी
गली-मोहल्ले में कूड़ा कलेक्शन की गाड़िया न आने से अब लोगों ने मुख्य सड़क किनारे ही डंपिंग जोन बना दिया है। इससे दुर्गंध फैल रही है और सड़क से निकलना मुश्किल हो गया है।
- सिमरण वालिया, सुभाष कॉलोनी।

डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर निगरानी की जा रही है। अगर कहीं कूड़ा नहीं उठ रहा है तो 8396900615 और 9350712362 पर जानकारी दे सकते हैं। मैं अपने स्तर पर भी इसकी पड़ताल करुंगा की टीम कौनसे वार्ड में जा रही है और कौनसे में नहीं।
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- सुनील दत्त, मुख्य सफाई निरीक्षक, नप सदर,अंबाला।
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