- 2023 में लांच हुई थी मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना, जरूरतमंद लोगों को मिलने हैं 30 गज के प्लाट
- योजना के तहत सभी चार निकाय में पांच हजार 354 ने किया आवेदन, शहर को द्वितीय चरण में किया जा रहा कवर
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सरकार ने 30 गज प्लाट देने की घोषणा तो कर दी है। लेकिन लोग ऑनलाइन प्रक्रिया में उलझ रहे हैं जबकि प्लाट की बुकिंग के लिए न्यूनतम बुकिंग राशि 10 हजार रुपये निर्धारित की गई है। वहीं दूसरी बड़ी समस्या आवेदकों की प्लाट के पंजीकरण करने में विशेष रुचि भी नजर नहीं आ रही। ऐसे में गरीबों को मिलने वाले आशियाने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। हालांकि अभी सरकार की ओर से प्लाट की बुकिंग का कार्य किया जा रहा है। यह योजना 2023 में जारी हुई थी, इस योजना के तहत अभी तक लोगों को प्लाट नहीं मिला है। इसलिए अब पंजीकरण की तारीख को 31 जुलाई तक बढ़ाया गया है।
2939 ने किया था आवेदन
शहर नगर निगम के क्षेत्र की बात करें तो दो हजार 939 ने योजना के तहत आवेदन किया था और सोमवार तक शहर के 627 लोग प्लाट का ऑनलाइन पंजीकरण करवा चुके हैं। निगम में यह कार्य द्वितीय चरण में चल रहा है, जबकि नगर परिषद, बराड़ा व नारायणगढ़ को अगले चरण में कवर किया जाना है। शहर के राकेश कुमार, पिंकी, हरि प्रसाद, नीना, हरबंस ने प्लाट के लिए बुकिंग की है। शहर निवासी हरबंस ने बताया कि उन्होंने प्लाट के बुकिंग कर दी है। अभी प्लाट नहीं मिला है।
जिले से पांच हजार 354 किए गए हैं आवेदन
जिले की बात करें तो कुल आवेदन पांच हजार 354 आए थे। योजना का लाभ के लिए परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार तक होनी चाहिए। वह प्लाट के लिए बुकिंग कर सकते है। योजना में घुमंतू जाति के परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी। इसमें 30 गज का प्लाट एक लाख में मिलेगा। बुकिंग के बाद निकाय विभाग की ओर से व्यक्तिगत सर्वे किया जाएगा। मापदंड पर खरे उतरने वाले आवेदकों को यह प्लाट मिलेंगे।
-
सबसे ज्यादा अंबाला शहर में आए हैं आवेदन
नाम प्लाट के लिए आवेदन
अंबाला सिटी 2939
अंबाला सदर 2169
बराड़ा 66
नारायणगढ़ 180
कुल आवेदन 5354
-
वर्जन
प्लाट लेने के लिए न्यूनतम बुकिंग राशि 10 हजार रुपये देकर ऑनलाइन पंजीकरण 31 जुलाई तक कर सकते हैं। निगम में 627 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण करवा दिया है। इसके बाद व्यक्तिगत सर्वे होगा।
लोकेश शर्मा, टाउन सिविल इंजीनियर, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी।