यात्रियों के सामान का बोझ उठाते-उठाते छावनी रेलवे स्टेशन पर कार्यरत 39 वर्षीय कुली बनवारी लाल मीणा की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। साथी कुली की मौत से गुस्साए लगभग 150 कुलियों ने रेलवे की तरफ से मदद न मिलने की वजह से रोष स्वरूप काम बंद कर दिया। शुक्रवार रात सभी कुलियों ने एकमत से फैसला किया कि जब तक मृतक कुली को रेलवे की तरफ से मुआवजा या आर्थिक मदद नहीं मिलती, तब तक उसका क्रिया-कर्म नहीं किया जाएगा। इस दौरान न ही स्टेशन पर किसी यात्री का सामान उठाया जाएगा।
कुलियों के प्रधान चुन्नी लाल ने बताया कि बिल्ला नंबर 102 बनवारी लाल मीणा पिछले लगभग 10-12 सालों से छावनी रेलवे स्टेशन पर काम करके अपने परिवार का पेट पाल रहा था। उसके तीन छोटे बच्चे हैं। इनकी उम्र लगभग छह साल है।
तीन घंटे की देरी से जारी हुई मीमो
प्रधान चुन्नी लाल ने बताया कि साथी कुली की मौत के बाद अधिकारियों से गुहार लगाई कि पोस्टमार्टम की कार्रवाई जल्द हो जाए। ताकि मृतक के शव को घर राजस्थान भेजा जा सके। मगर, कागजी कार्रवाई में ही तीन घंटे लग गए। मामले की जानकारी जब रेल प्रबंधक को दी गई, तब उनकी तरफ से मीमो जारी की गई। इसके बाद जीआरपी ने शव कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई आरंभ की।
आज करवाएंगे पोस्टमार्टम
रेलवे की तरफ से शुक्रवार शाम को मीमो मिली थी। साथी कुलियों के बयान पर आगामी कार्रवाई की जा रही है। शनिवार सुबह मृतक कुली का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। स्टेशन पर कानून व्यवस्था बनाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
-धर्मवीर सिंह, प्रभारी जीआरपी थाना, छावनी।