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Ambala News: बजट से अंबाला के उद्योगपतियों और कारोबारियों को उम्मीद

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योगेश मिड्ढा।
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अंबाला। केंद्रीय बजट से अंबाला के उद्योगपतियों और कारोबारियों को केंद्र सरकार से खासी उम्मीद है। साइंस उपकरणों के लिए पहचाना जाने वाले अंबाला को खासी उम्मीद है। उम्मीद इसलिए भी अधिक है क्योंकि इस बार साइंस कारोबारियों की एसोसिएशन को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बुलाया था। उनके सुझाव नोट किए थे। इसी प्रकार ट्रांसपोर्ट और इन्फ्रा सेक्टर को भी बजट से खासी उम्मीद है।
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दवा निर्माण क्षेत्र का बजट में हो ध्यान

उद्योगपति योगेश मिड्ढा बताते हैं कि स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल के क्षेत्र में अब नियम काफी सख्त होते जा रहे हैं। नियमों को ऐसा होना चाहिए कि छोटे और बड़े दाेनों प्रकार के कारोबारियों को काम करने में आसानी हो। इसके साथ ही बजट में दवा निर्माण क्षेत्र का भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में अहम रोल निभाता है।



सरकार इन्फ्रा सेक्टर को दे बढ़ावा

उद्योगपति अर्पण गोयल बताते हैं कि बजट से हमें काफी उम्मीद है। सरकार अगर करों में राहत दे तो व्यापारियों की काफी मदद होगी। इसके साथ ही बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जाना चाहिए। इन्फ्रा डिवेलपमेंट पर सरकार को आगे बढ़ना चाहिए। इन्फ्रास्ट्रक्चर किसी भी अर्थ व्यवस्था का आधार है। इस पर सरकार को जोर देना चाहिए।
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सरकार का बजट प्रगति पर केंद्रित हो

उद्योगपति अनुभव अग्रवाल बताते हैं कि सरकार का बजट प्रगतिशील हो। इन्फ्रास्ट्रक्चर, कृषि जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया जाना चाहिए। पहले भी इस क्षेत्र में काफी कार्य हो रहे हैं। बजट में रिन्यूवल एनर्जी पर जोर दिया जाए। अब नई तकनीकी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जिससे के देश तरक्की करे। टैक्स के छोटे-छोटे कार्य सरकार अपनी जरूरत के हिसाब से कर रही है और आगे भी करती रहेगी।



ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए विशेष कदम उठाने की जरूरत

कारोबारी मनु आनंद बताते हैं कि व्यापार को प्रमोट करने के लिए छोटे व्यापारियों अधिक से अधिक सब्सिडी मिलनी चाहिए। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में टोल का सबसे अधिक कारोबारियों पर असर पड़ रहा है। पहले ट्रांसपोर्ट में एक लाख रुपये टोल देते थे अब पांच लाख रुपये से अधिक का टोल में ही खर्चा हो जाता है। इसके साथ ही सीएनजी सस्ती थी इसलिए ट्रकों को बदला मगर अब सीएनजी के रेट भी डीजल के बराबर ही आ गए हैं। ऐसे में सरकार को ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए विशेष प्राविधान करने की जरूरत है।

साइंस कारोबारियों को कर में मिले राहत

असीमा के महासचिव गौरव सोनी बताते हैं कि साइंस कारोबारियों को जीएसटी में राहत की दरकार है। 18 प्रतिशत जीएसटी साइंस उपकरण खरीदने वाले शिक्षण संस्थानों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। वहीं मैनपॉवर के लिए स्थानीय स्तर पर तकनीकि संस्थानों में स्थानीय इंडस्ट्री से जुड़े कोर्स होने चाहिए।
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योगेश मिड्ढा।

योगेश मिड्ढा।

योगेश मिड्ढा।

योगेश मिड्ढा।

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