अंबाला सिटी। पुरानी अनाज मंडी स्थित प्राचीन टिल्ला मंदिर का स्थापना दिवस 1 फरवरी को धूमधाम से आयोजित होगा। एक दिवसीय कार्यक्रम पुरानी अनाज मंडी स्थित प्राचीन टिल्ला मंदिर में 1 फरवरी को स्थापना दिवस मनाया जाएगा। प्रातः 10 बजे से एक बजे तक सत्संग होंगे। बाद दोपहर एक बजे भंडारे का आयोजन होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस मंदिर में नौ नाथों की मूर्तियां भी स्थापित हैं। भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद शहर की पुरानी अनाज मंडी में वर्ष 1951 में पीर कलानाथ जी ने सिटी की पुरानी अनाज मंडी में गुरुद्वारे के पास गद्दी टिल्ला गुरु गोरक्षनाथ मंदिर की स्थापना की थी। पीर कलानाथ वर्ष 1956 तक यहां गद्दीनशीन रहे। वर्ष 1956 में उनके कैलाशवास के बाद पीर समुद्रनाथ ने गद्दी को संभाला। वर्ष 1966 में उनके कैलाशवास के बाद पीर श्रद्धानाथ गद्दीनशीन बने। वर्ष 1991 में वे भी कैलाशवास हो गए तो उनके शिष्य पारसनाथ गद्दी संभाल रहे हैं। वर्ष 1966 में पीर समुद्रनाथ के कैलाशवास के बाद उनकी समाधि भी इस मंदिर में बनाई गई। हर साल एक फरवरी में विशाल भंडारा करवाने की परंपरा है। गत वर्ष इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है तथा उसमें नई मूर्तियों की स्थापना की गई थी इसलिए उसी परंपरा को निभाते हुए एक 1 फरवरी को ही इस मंदिर का स्थापना दिवस मनाया जाता है।