टांगरी नदी में रामपुर की तरफ बना बांध बना मददगार
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हरियाणा के अंबाला में पहाड़ों में बारिश के बाद उफान पर आई टांगरी से दिनभर परेशानी रही। नदी की जद में बसी दर्जनों कॉलोनियों में रहने वाले लोग सिंचाई विभाग की ओर से सुबह नौ बजे कराई मुनादी के बाद हरकत में आ गए। सुबह 15 हजार क्यूसेक पानी रहने की संभावना था, लेकिन दोपहर तक 13 हजार 400 क्यूसिक पानी ही रहा।
ऐसे में लोग हर बार की तरह इतने पानी से जलभराव की स्थिति पर अपना-अपना सामान समेटते नजर आ रहे थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि सिंचाई विभाग की ओर से कुछ समय पहले ही टांगरी के भीतर पूजा विहार वाली साइड पर 20-20 फीट के बांध बनाने और नदी के भीतर 5-5 फीट की अतिरिक्त खुदाई करने के बाद स्थिति काबू में रही।
यहीं कारण था कि पहले की अपेक्षा पानी ने कम मार की और केवल कुछ ही कॉलोनी की गलियों तक इस पानी पहुंचा। जबकि शाम के समय पानी का स्तर कम होना शुरू हो गया था। रात तक टांगरी में महज 5 हजार क्यूसिक ही पानी था जो टांगरी के भीतर था। फिर भी मौसम विभाग के अलर्ट को लेकर लोगों में रात को फिर पहाड़ों में बरसात होने का डर था। यहीं कारण था कि उन्होंने अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ही रखा।
इस वर्ष ज्यादा तबाही : सुनीता
विश्वकर्मा नगर निवासी सुनीता ने बताया कि वह पिछले 30 साल से रह रही है। आज तक इतनी तबाही नहीं देखी जो इस बार हो गई। चौथी बार टांगरी उफान पर आने के बाद सामान को समेटना पड़ा। घर का सारा सामान खराब हो चुका है। टांगरी की बिल्कुल जद में होने के कारण पहले उनके घर में छह-छह फीट तक पानी था लेकिन अबकी बार केवल गली में आया।
इस बार बांध से मिली राहत : तिलक
तिलक राज ने बताया कि टांगरी में हुई खोदाई और दूसरी तरफ बांध के कारण काफी राहत मिली है। पहले इतना पानी काफी मार करता था, लेकिन अबकी बार काफी राहत रही। प्रशासन को टांगरी को ओर गहरा करना चाहिए ताकि 20 हजार क्यूसिक तक पानी टांगरी में रह सके।
पहाड़ों में बारिश के बाद 15 हजार क्यूसेक पानी अंबाला तक पहुंचने की सूचना थी, लेकिन 13 हजार 500 क्यूसेक ही रहा। विभाग की तरफ से बनाया नदी में बांध और खोदाई से काफी राहत रही और इतना पानी होने के बावजूद कुछ ही कॉलोनी में पानी गया और वो भी कुछ घंटे में उतर गया।
-जितेंद्र, जेई, सिंचाई विभाग, अंबाला